मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना रविवार को लॉन्च हो गई। भोपाल के जम्बूरी मैदान में विशाल सम्मेलन में योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम से प्रदेश के सभी गाँव तथा वार्ड वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री ने बहनों को योजना में आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी देने के उद्देश्य से बहन कविता का आवेदन स्वयं भरवाया और उन्हें पावती भी दी। इस प्रक्रिया में CM शिवराज ने बताया कि आवेदन के लिए समग्र आईडी नम्बर और आधार नम्बर आवश्यक है। मूल निवासी और आय प्रमाण-पत्र आदि की आवश्यकता नहीं है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिलाओं को कोई दिक्कत न आए, इसके लिए राज्य शासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। हमारे देश में माँ बहन, बेटी का हमेशा सम्मान रहा है। बेटियों और बहनों को हमारे यहाँ दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती माना जाता है। देवता और भगवान के नाम लेने में भी, पहले लक्ष्मी जी और सीता जी का नाम लिया जाता है अर्थात महिला सर्वप्रथम है। कालांतर में परिस्थतियाँ बदली और महिलाएँ भेदभाव का शिकार हो गई। लाड़ली बहना योजना, बहनों का सम्मान बढ़ाने का महायज्ञ है।
उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के साथ भेदभाव को देखकर मुझे बचपन से ही वेदना होती थी। सार्वजनिक जीवन में सक्रियता के साथ ही मेरा यह प्रयास रहा कि बेटी को बोझ नहीं वरदान समझा जाए। परिणामस्वरूप विधायक बनते ही साथियों के सहयोग से बेटियों का विवाह कराना शुरू किया और मुख्यमंत्री बनते ही सबसे पहले कन्या विवाह योजना बना कर उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया। मेरा प्रण था कि मध्यप्रदेश की धरती पर जो बेटी पैदा हो वह लखपति हो। इस प्रण से लाड़ली लक्ष्मी योजना ने मूर्त रूप लिया। इसके बाद बेटियों को पढ़ाई में मदद के लिए किताबें, यूनिफार्म, साइकिल आदि की व्यवस्था की गई। मजदूर बहन, बेटा- बेटी के जन्म के बाद आराम कर सके, इसके लिए संबल योजना में जन्म से पहले 4 हजार और जन्म के बाद 12 हजार रुपए देने की व्यवस्था की गई। बहनों के लिए गाँव की बेटी, प्रतिभा किरण और प्रसूति सहायता योजना बनाई गई। बहन-बेटियों को प्रगति के समान अवसर उपलब्ध कराना मेरा सपना था। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वय से मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हुआ।
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज ने योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने आई बहनों का पुष्प-वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज ने रिमोट का बटन दबा कर योजना के लोगो, थीम साँग और ब्रोशर का विमोचन किया। उन्होंने योजना की आवेदन प्रक्रिया पर निर्मित लघु फिल्म भी लाँच की।मनीषा रैकवार ने लाड़ली बहना योजना के संबंध में अपने विचार रखे। योजना पर नृत्य नाटिका भी प्रस्तुत की गई।
आवेदन के लिए हर गाँव और वार्ड में लगेंगे शिविर
लाड़ली बहना योजना, बहनों का सम्मान बढ़ाने का महायज्ञ है। बहनों को योजना में आवेदन करने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है। हर गाँव और हर वार्ड में शिविर लगाए जाएंगे और आवेदन भरने में मदद करने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के वार्डों में शिविरों की जानकारी पहले से दी जाएगी। बहनें योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी बिचौलिए और दलाल के झाँसे में न आएँ। कोई भी कठिनाई होने पर फोन नम्बर 181 पर सूचना दी जाए।
बहनों की सुरक्षा के लिए बनाई जाएगी "लाड़ली बहना सेना"
मुख्यमत्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार बहन-बेटियों की सुरक्षा, मान-सम्मान और उन्हें प्रगति के सभी अवसर उपलब्ध कराने दृढ़ प्रतिज्ञ है। बहन-बेटियों को पेरशान करने वालों पर कठोर कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में शराब की दुकान के पास के अहाते बंद किए गए हैं। महिला सशक्तिकरण की ओर अगला कदम बढ़ाते हुए बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए "लाड़ली बहना सेना" भी बनाई जाएगी। बारहवीं कक्षा में शासकीय शाला में प्रथम आने वाली बेटी को ई-स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी बहन-बेटियों को प्रगति और विकास की प्रक्रिया में सक्रियता से सहभागी होने का संकल्प दिलाया।
इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, वित्त, मंत्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह, जनजातीय कार्य और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल, राजस्व एवं परिवहन मंत्रीगोविन्द सिंह राजपूत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा, पर्यटन, संस्कृति एवं अध्यात्म मंत्री सुश्री ऊषा ठाकुर, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद भदौरिया और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, भोपाल सांसद सुश्री प्रज्ञा ठाकुर, खजुराहो सांसद वी.डी. शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायकगण और जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ उपस्थित थे।