भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिद्धा पहाड़ के उत्खनन पर बढ़ते विवाद को देख बड़ा कदम उठाया है। सीएम शिवराज ने कहा कि सिद्धा पहाड़, सतना जैसे अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर स्थान जो हमारे आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं, यहां की पवित्रता को अक्षुण्य रखा जाएगा। यहां उत्खनन किसी कीमत पर नहीं होगा। सतना जिला प्रशासन को निर्देश दे दिए गए है।
सिद्धा पहाड़, सतना जैसे अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर स्थान जो हमारे आस्था और श्रद्धा के केंद्र हैं, यहां की पवित्रता को अक्षुण्य रखा जाएगा । यहां उत्खनन किसी कीमत पर नहीं होगा। सतना जिला प्रशासन को निर्देश दे दिए गए है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 2, 2022
विरोध के चलते लिया यह फैसला-
आपकों बता दे कि सिद्धा पहाड़ के उत्खनन के लिए प्रस्तावित पट्टे को लेकर विरोध शुरू हो गया था। कांग्रेस से लेकर बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी तक ने इस पर विरोध जताया था। चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी के पत्र के बाद कांग्रेस के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ ने गुरुवार को सिद्धा पहाड़ पहुंचकर वही धरना दिया था। प्रकोष्ठ के संरक्षक एवं रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी डॉ. एसपीएस तिवारी ने कहा था कि भगवान श्रीराम जी की स्मृतियों को हम यूं ही बर्बाद नहीं होने देंगे। डॉक्टर तिवारी ने उग्र आंदोलन का ऐलान भी किया था।
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ज्ञात हो कि सिद्धा पहाड़ हिन्दू समुदाय के धार्मिक आस्था का केन्द्र है। रामचरित मानस एवं बाल्मीकि रामायण में कहा गया हैं कि सिद्धा पहाड़ ऋषि मुनियों के हड्डियों का ढ़ेर हैं। वर्तमान में भाजपा सरकार ने सिद्ध पहाड़ को वाक्साइट के खनन हेतु लीज स्वीकृत कर हिन्दू समाज के धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाने का काम किया था, लेकिन अब सरकार ने उत्खनन पर रोक लगा दी हैं।
सिद्धा गांव के लोग चाहते हैं कि सिद्धा पहाड़ में पौधा रोपित कर पहाड़ को हरा-भरा कर संरक्षित किया जाय एवं इस पहाड़ को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाय। गुरुवार को हुए धरने का नेतृत्व सेवानिवृत्त आईएफएस और वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. एसपीएस तिवारी ने किया था।
धरने में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गोविन्द तिवारी, विन्ध्य आन्दोलन के प्रमुख प्रवीण सिंह हीरा, वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव यमुना प्रसाद तिवारी, पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री विवेकानन्द त्रिपाठी, राधेलाल गुप्ता, शिवमोहन सिंह, राजगुरू मनोज अग्निहोत्री जनपद सदस्य रामपुर बघेलान, प्रशान्त सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रोहित तिवारी राजा बाबा आदि उपस्थित हुए थे।
भाजपा विधायक त्रिपाठी ने पीएम को लिखा था पत्र-
भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी सिद्धा पहाड़ में खनन की अनुमति देने की प्रक्रिया का विरोध किया था। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखकर आस्था के केंद्र सिद्धा पहाड़ पर खनन अनुमति रोकने का आग्रह किया था। पीएम मोदी को लिखे पत्र में त्रिपाठी ने कहा था कि मध्यप्रदेश के सतना जिले में चित्रकूट के समीप राम वनगमन पथ पर स्थित सिद्धा पहाड़ पर बाक्साइट, लेटराइट, ओकर आदि के खनन हेतु अनुज्ञा देने की कार्यवाही की जा रही है।
पूर्व में भी इसी तरह के प्रयास किये गये थे, लेकिन तब स्थानीय विरोध के चलते कार्यवाही रुक गई थी। अब पर्यावरणीय स्वीकृति के नाम पर फिर कार्यवाही शुरू की गई है। उनका कहना है कि एक तरफ हमारी सरकार द्वारा भगवान राम की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने हेतु राम वनगमन पथ जैसी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर चित्रकूट क्षेत्र में भगवान राम से जुड़ी स्मृतियों को नष्ट करने का कार्य किया जा रहा है। फ़िलहाल विरोध प्रदर्शन के बाद अब शिवराज सरकार ने इस पर रोक लगा दी हैं।