बैतूल में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 'मुख्यमंत्री जन-सेवा अभियान'  में ग्राम सभा संबोधित किया। सीएम ने ग्रामसभा को ही गांव से संबंधित सभी फैसले लेने का अधिकार दिया। साथ ही सीएम ने सरकार की योजनाओं और इलाके में व्याप्त गड़बड़ियों के चलते 4 अधिकारियों को ऑन स्पॉट फैसला लेते हुए सस्पेंड भी कर दिया।

सीएम ने कहा लोकतंत्र में असली मालिक जनता है। लोकतंत्र में कोई मुख्यमंत्री, अधिकारी, कर्मचारी असली मालिक नहीं हैं, मध्यप्रदेश की साढ़े 8 करोड़ जनता ही असली मालिक है। आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। मैंने यहां 159 गांव की घोघरी समूह जल योजना का भूमि पूजन किया है।  मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के माध्यम से पंचायतों और वॉर्डों में शिविर लगाकर जनहितकारी योजनाओं का लाभ देने का हम कार्य कर रहे हैं।
  
उन्होंने लाहा कि अब सरकार भोपाल से नहीं चौपाल से चलेगी। सरकार जनता के घर-घर तक पहुंचे, ताकि जनता को भटकना न पड़े। सीएम ने बिजली की समस्या के लिए जवाबदार पवन बारसकर जेई एमपीईबी चीचली और जेई साईंखेड़ा को सस्पेंड कर दिया।

वहीं माइनिंग की शिकायत मिलने पर सीएम ने बैतूल जिले के माइनिंग ऑफिसर को भी सस्पेंड कर दिया। साथ ही  बैतूल जिले के सीएमएचओ को भी तत्काल प्रभाव से मैं सस्पेंड कर दिया।

सीएम ने कहा दलाल, गुंडे, बदमाश सुन लें यदि हरकतें बंद नहीं की तो घरों पर बुलडोजर चलवा दूंगा।  सीएम ने पेसा एक्ट के बार में भी कहा कि ये पेसा पिछड़ा और सामान्य वर्ग के खिलाफ नहीं है। हमारे आदिवासी भाई-बहन के लिए ये 89 विकासखंडों में लागू होगा।

हर साल ग्राम सभा में जमीन का नक्शा रखा जाए, जिससे आपको पता चलेगा कि कौनसी जमीन किसकी है। सीएम ने कहा मध्यप्रदेश में धर्मांतरण का कुचक्र नहीं चलने दूंगा। मछली पालन वनोपज की खरीद और बेचना, तोड़ना और बेचना इन सभी के संबंध में फैसला लेने का अधिकार ग्राम पंचायत को होगा। इमारती लकड़ी के बेचने पर 20 प्रतिशत राशि वनसमितियों को दी जाएगी। अगर बाहर से गांव में काम करने वाला कोई आएगा तो उसे भी अपनी पूरी डिटेल ग्राम सभा को देनी पड़ेगी।