विधानसभा का मानसून सत्र तीसरे दिन गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। इससे पहले कांग्रेस विधायक पांचीलाल मेड़ा ने रोते हुए आरोप लगाया कि 'विधानसभा में पुलिस वालों ने उनसे मारपीट की और सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने उनके साथ धक्का-मुक्की का गला दबाया।

विधायक पांचीलाल मेड़ा ने ये भी कहा कि मेरी जान को ख़तरा है। विधायक जी को रोता देखकर कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने पांचीलाल के आंसू पोछे।

मानसून सत्र के तीसरे दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक विधानसभा के गेट नंबर-3 के सामने धरने पर बैठ गए। विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। यहीं पर मीडिया से बात करते हुए पांचीलाल मेड़ा रो पड़े। 

पांचीलाल मीणा ने रोते-रोते कहा कि 'मैं कल जब विधानसभा में अध्यक्ष के पास जा रहा था, तब गेट पर पुलिसवालों ने मुझसे मारा-कूटी की। मैंने अध्यक्ष को बताया कि मेरे साथ ऐसी घटना हुई है तो भाजपा विधायक उमाकांत जी ने मेरे साथ धक्का-मुक्की कर दी। उन्होंने मेरा गला दबाकर मारने की कोशिश की। मैंने कहा, मैं अपने क्षेत्र में पुनर्वास की बात को क्यों नहीं उठाऊं। मेरे क्षेत्र में सरकार ने पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की। किसान जंगलों में रहने को मजबूर हैं। ये 500 परिवार कहां जाएं। सीएम शिवराज आज तक वहां नहीं आए। मैंने आवाज उठाने की कोशिश की तो मुझ पर ही हमला करके मुझे डराने की कोशिश की जा रही है। 

वहीं कांग्रेस ने सदन की कानून व्यवस्था पर प्रश्न उठाते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के इस्तीफे की मांग की। वहीं कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने भाजपा विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा, कांग्रेस के विधायक पांचीलाल मेड़ा को जान का ख़तरा है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।