मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर लगातार जारी है। प्रदेश की नर्मदा, शिप्रा, बेतवा, ताप्ती नदियां लबालब हैं वहीं ओंकारेश्वर-हलाली डैम, तवा और इंदिरा सागर बांध ओवरफ्लो हैं। इधर धार में में कारम नदी पर निर्माणाधीन डैम में दरार के बाद प्रशासन ने 13 गांवों को खाली कराया है। 

भारी बारिश से धार के धरमपुरी क्षेत्र में कारम नदी पर निर्माणाधीन डैम में दरार और कुछ हिस्से धसने की खबर है। प्रशासन ने आस पास के गाँव को खाली कराने मुनादी कराई है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि वो जल्द से जल्द घरों में तआला दाल सुरक्षित स्थानों की और चले जाएँ।

खलघाट से इंदौर रोड आने जाने वालों को भी सतर्क रहने के मैसेज वायरल हैं। कहा जा रहा है कि मानपुर घाट के आगे और खलघाट के बीच में गुजरी ग्राम में स्थित कोरवा डैम की स्थिति गंभीर है। 

दुसरी ओर शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश एक अलर्ट है।  नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब है। नर्मदापुरम, खंडवा, बैतूल, रायसेन, हरदा और धार के कई इलाकों में नर्मदा नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बुरहानपुर में ताप्ती खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी के सभी घाट डूबे हुए हैं।

प्रदेश में अगले 4 दिन तक तेज़ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि भोपाल और शहडोल में भी तेज बारिश होगी। बाकी जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

राजधानी भोपाल में बीते 40 घंटे से लगातार झमाझम बारिश हो रही है। शहर के कई निचले इलाके जलमग्न है। प्रदेश के करीब एक दर्जनों जिलों में कमोबेश ऐसे ही हालात हैं। भारी बारिश से आम जन परेशान हैं।