भोपाल. राज्य शासन ने 3 आईएफएस और दो राज्य वन सेवा के अफसरों के तबादले का आदेश जारी किया हैं. स्थानांतरण आदेश में राजधानी परियोजना वन मंडल एचएस मिश्रा को वर्किंग प्लान बनाने से छूट देने पर जंगल महकमे के अधिकारियों में असंतोष है. इसी प्रकार रिटायरमेंट के 7 महीने पहले वन विहार के सहायक संचालक अशोक कुमार जैन के तबादले को लेकर सवाल खड़े होने लगे. जैन का फरवरी 23 में रिटायरमेंट है. आईएफएस अफसरों के तबादले की दो सूची अभी भी अटकी हुई है.

जंगल महकमे में बुधवार को जारी तबादला सूची में आईएफएस अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार गुप्ता का तबादला उप वन संरक्षक पीसीसीएफ मुख्यालय भोपाल से डीएफओ वर्किंग प्लान शहडोल किया गया. दिलचस्प पहलू यह है कि गुप्ता शहडोल में रहकर रीवा वन मंडल का वर्किंग प्लान लिखेंगे. इसी आदेश में वन संरक्षक हरिशंकर मिश्रा को राजधानी परियोजना वन मंडल भोपाल से वन संरक्षक अनुसंधान एवं विस्तार वृत्त सिवनी किया गया है.

जबकि विभाग की ओर से मिश्रा का तबादला टीकमगढ़ वन मंडल का वर्किंग प्लान बनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था. विभाग के प्रस्ताव को मंत्रालय ने संशोधित कर दिया. नियम के मुताबिक, मिश्रा को वर्किंग प्लान बनाना अनिवार्य था किंतु राजनीतिक रसूख के चलते उन्हें कार्य योजना बनाने से विशेष छूट दे दी गई है. ऐसे अधिकारियों में असंतोष है. चर्चा हो रही है कि आखिर यह छूट क्यों दी गई?

इसके अलावा रमेश चंद विश्वकर्मा वन संरक्षक कटनी से वन संरक्षक कार्य योजना जबलपुर किया गया है. विश्वकर्मा का मुख्यालय जबलपुर होगा किंतु वे डिंडोरी वन मंडल का वर्किंग प्लान बनाएंगे. वर्किंग प्लान बनाने वाले अफसरों का मुख्यालय भी अजब-गजब का है. मुख्यालय दूर होने की वजह से सरकार पर लाखों रूपये का आर्थिक बोझ अधिक आएगा और समय की बर्बादी होगी सो अलग. इस पर सीनियर अफसरों ने कभी कोई गौर नहीं किया है.

अचानक वन विहार से जैन का ट्रांसफर-

सेवानिवृत्ति के 7 महीने पहले वन विहार में पदस्थ सहायक संचालक अनिल कुमार जैन का अचानक तबादला किए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं. यह सवाल इसलिए स्वाभाविक रूप से खड़े हो रहे हैं क्योंकि सामान्य प्रशासन विभाग के ही नियम है कि किसी भी अधिकारी और कर्मचारी की सेवानिवृति में सिर्फ़ एक साल ही रह गया हैं तो उसका तबादला नहीं किया जा सकता. इस नियम के बाद भी जैन का तबादला वन विहार भोपाल से कान्हा नेशनल पार्क मंडला कर दिया गया.

इस जैन के स्थानांतरण  आदेश से मुख्यालय से लेकर मंत्रालय तक काना-फूसी भी शुरू हो गई है. सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर वन विहार में सफारी संबंधित किस नौकरशाह के फरमान की नाफरमानी करने पर उनके तबादले किए गए. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तबादले से दुखी सहायक संचालक जैन अनिवार्य सेवानिवृत्ति का मन बना रहे हैं. जैन का तबादला वन विहार से सहायक संचालक कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मंडला किया गया. उनकी जगह पर सुनील कुमार सिन्हा को सहायक संचालक कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला से वन विहार भोपाल पदस्थ किया गया है.