देश हवा में हैं और विकास, सातवें आसमान पर..! ये कोई जुमला नहीं बल्कि विकास के दावों की वह सच्चाई है जो होती तो है पर दिखाई नहीं देती. लेकिन हाँ इस बार विकास दिख भी रहा हैं और सौ टका सच भी है. वैसे केंद्र सरकार का दावा है कि जहां भी डबल इंजन की सरकार होती है वहां विकास डबल गति से होता है. 

अब आप यूपी के ही विकास को देख लीजिये. यहां इस समय एक अनोखे सामुदायिक शौचालय की खूब चर्चा हो रही है. जिसने भी इस शौचालय को देखा वह पहले तो चकरा गया क्योंकि इस अनोखे शौचालय में दो सीट एक साथ लगा दी गई. और हद तो तब हो गई जब ज़िले की टीम जांच करने पहुंची तो उन्हें दो सीटों के बीच तो छोड़िये शौचालय तक में गेट नहीं मिला. अब सवाल तो यहीं है कि शौचालय में गेट तो लग जायेगा लेकिन क्या दो व्यक्ति एक साथ इस शौचालय का इस्तेमाल कर पाएंगे?    

यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से करीब 20 किलोमीटर दूर कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र से सामने आया है. ख़बरों के मुताबिक, कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र से आने वाले गौराधूंधा गांव में सामुदायिक शौचालय में एक ही बाथरूम में दो सीट लगाई गई हैं. जिसे देख हर कोई हैरत में पड़ गया. जिसकी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हैं.

ग्रामीणों से बातचीत में पता चला कि 10 लाख की लागत से गांव के प्रधान और सेक्रेटरी ने सामुदायिक शौचालय का निर्माण करवाया है. लेकिन ग्रामीण इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहें है क्योंकि एक ही बाथरूम में दो टॉयलेट सीट लगा दी गई और गेट भी नहीं लगवाया. फ़िलहाल ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इसके ज़रिये खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया हैं.

अब ग्रामीणों की तो छोड़िये जिला पंचायत अधिकारी नम्रता शरण जब खुद मौके पर जांच करने पहुंची तो सामुदायिक शौचालय की हालत देख अचरज में पड़ गईं. जिसके बाद दोषी सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिया कि जल्द से जल्द शौचालय को ठीक करें. इसके अलावा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कहीं गई है.

शायद इसीलिए कहते है कि विकास के दावे और जमीनी हकीकत दोनों एक दुसरे से बिल्कुल अलग होते हैं. तो अब वादा वहीं करें जो जमीन पर भी मजबूती से अमल हो सके नहीं तो अधिकारी हो या फिर सरकार किरकिरी होना तो तय है.