भोपाल: सागर जिला अस्पताल में खरीदी में भ्रष्टाचार की पोल खुलने के बाद सिविल सर्जन ने 5 महीने बाद कम दर पर सामग्री सप्लाई करने का वादा करने वाली फर्मों की निविदा निरस्त कर दी. इस आशय के आदेश आज जारी किए गए. अस्पताल प्रबंधन ने चहेती सिंडिकेट फर्मों को ऊंची दाम पर सामग्री सप्लाई को जारी रखा है.

सागर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. ज्योति चौहान एक बार फिर टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर विवादों की सुर्खियों में आ गई हैं. बताया जाता है कि पंचशील ट्रेडर्स और एसजीएस फर्म द्वारा रेट कम दिए गए थे. 29 मार्च को अनुबंध करने के लिए 500 रुपए के स्टाम्प पेपर भी मंगा लिए थे. बावजूद इसके, अनुबंध नहीं किया गया. टेंडर निरस्त नहीं किए है.

खबर प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन डॉक्टर ज्योति चौहान ने गुरुवार को निरस्त करने का आदेश जारी किया. यानी टेंडर तय होने के 5 महीने बाद निरस्त करने का आदेश जारी किया है. सूत्रों का कहना है कि संकल्प ट्रेडर्स और कोरी ट्रेडर्स सिंडीकेट के दबाव में डॉक्टरों की कमेटी ने नई फर्मो से अनुबंध नहीं किया. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि टेंडर निरस्त करने संबंधित ना तो कारण बताए गए हैं और ना ही निविदा में हिस्सा लेने वाले फर्म की अमानत राशि लौटाई गई.