Rajasthan Election 2023: इसी साल के अंत में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. जिसके चलते सभी पार्टियां प्रचार प्रसार करने और चुनाव जीतने के लिए रणनीति तैयार कर रही हैं. हालांकि, इनमें एक ऐसा भी राज्य हैं जहां जनता ख़ुद बीते लंबे समय से हर 5 साल में सत्ता बदल देती है. 

जी हां, राजस्थान ही वो राज्य है जहां जनता हर बार चुनाव में सरकार बदलकर नई पार्टी को मौका देती है. ऐसे में चुनावी साल में राजस्थान की सियासी सरगर्मियां फिर से तेज हो गई है.

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजस्थान विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्षी महागठबंधन इंडिया मुश्किलें बढ़ा सकता है. बीजेपी पिछले तीन दिनों से राजस्थान चुनाव को लेकर मंथन कर रही है. अब ख़बर आ रही है कि राजस्थान में बीजेपी इस बार बिना सीएम चेहरे के चुनाव मैदान में उतर सकती है.

बीजेपी बिना सीएम चेहरे के मैदान में उतरेगी-

यह रणनीति बीजेपी के लिए कितनी फायदेमंद साबित होने वाली है. यह तो चुनाव परिणाम ही तय करेंगे. माना जा रहा है कि इस फैसले से वसुंधरा राजे खुश हैं. इस बात का संकेत तभी मिल गया जब वह रात को ऑफिस से बाहर निकली तो उनके चेहरे पर खुशी साफ़ झलक रही थी.

चुनावी साल में बीजेपी की यह अहम बैठक अमित शाह और जेपी नड्डा की अगुवाई में बीते दिन (27 सितंबर) शाम 7 बजे से रात 2 बजे तक चली. बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक में फैसला लिया गया है कि चुनाव के लिए कोई सीएम चेहरा नहीं होगा.

सामूहिक नेतृत्व को बढ़ावा देने क लिए बैठक में राजस्थान के वरिष्ठ नेताओं के साथ भी 45 मिनट की अलग से बैठक हुई. ख़बरों की माने तो, शाह और नड्डा ने वसुंधरा राजे के साथ करीब 15 मिनट तक अलग से बैठक की. जो काफी चर्चाओं में हैं.

करीब 30 सीटों पर नाम फाइनल-

ऐसा भी माना जा रहा है कि राजस्थान में बीजेपी अब जल्द ही पहली लिस्ट जारी कर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है. पहली सूची में वसुंधरा राजे, सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ के नाम सामने आ सकते हैं. वहीं, कुछ सांसदों को भी मैदान में उतारने की तैयारी हैं.

बताया जा रहा है कि करीब 30 सीटों पर नाम लगभग तय हो चुके हैं. इनमें झालरापाटन से वसुंधरा राजे, चूरू से राजेंद्र राठौड़ और आमेर से सतीश पूनिया को मौका मिल सकता है. इसके अलावा पुष्कर से सुरेश रावत को मैदान में उतारने की भी चर्चा है.