भोपाल: राज्य के पन्ना जिले में निर्माणाधीन भितरी मुटमुरु बांध के क्षतिग्रस्त होने की अनियमितता पर जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एसके चंदनानी को नौ साल पहले 5 जुलाई 2013 को निलम्बित किया गया था और 7 सितम्बर 2013 को उनके खिलाफ विभागीय जांच संस्थित की गई थी।
जांच के दौरान चंदनानी को 23 जनवरी 2014 का निलम्बन खत्म कर उन्हें बहाल कर दिया गया था। 12 जनवरी 2017 को विभागीय जांच में चंदनानी की एक तिहाई पेंशन रोकने का निर्णय लिया गया। इतने सालों बाद अब चंदनानी के निलम्बन काल का निराकरण किया गया है।
जिसमें कहा गया है कि उन्हें निलम्बन अवधि में देय जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त और कुछ देय नहीं होगा लेकिन पेंशन प्रयोजन के लिये निलम्बन काल की अवधि सेवा हेतु मान्य रहेगी। इस प्रकार अब चंदनानी को सिर्फ दो तिहाई ही पेंशन मिलती रहेगी।