भोपाल: राज्य के जनजातीय विभाग ने चार साल पहले बनाये मप्र जनजातीय एवं अनुसूचित जाति शिक्षण संवर्ग सेवा एवं भर्ती नियम 2018 में बदलाव जारी कर दिया। अब विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति हेतु आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा की वैधता परिणाम की घोषणा होने के पश्चात दो वर्ष की बजाये 5 वर्ष तक वैध रहेगी।

इससे जो उत्तीर्ण उम्मीदवार अब तक नियुक्ति नहीं पा सके हैं, उनकी नियुक्ति हो सकेगी। इसके अलावा आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिये भी आरक्षण का प्रावधान कर दिया गया है जिससे इस केटेगरी में आने वाले उम्मीदवार भी परीक्षा में आये अंकों के अनुसार नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे।