मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को सहज ढंग से बिना परेशानी के खाद मिले, उन्हें लाइन न लगानी पड़े, यह सुनिश्चित करें। उर्वरक की उपलब्धता है, वितरण व्यवस्था की जहाँ कमी है, उसे दूर किया जाये। सभी कलेक्टर्स व्यवस्था करें कि किसानों को उर्वरक लेने के लिये लाइन न लगाना पड़े। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख एल मंडाविया से पूर्ण सहयोग मिला है।
मुख्यमंत्री चौहान ने सुल्तानपुर से लौटने के बाद रात्रि में निवास से वीसी द्वारा उर्वरक वितरण समस्या वाले कुछ जिलों के कलेक्टर्स से चर्चा की। इस मौके पर मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इन जिलों से हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने सतना, राजगढ़, सागर, और नीमच जिलों के कलेक्टर्स से खाद की उपलब्धता, वितरण केंद्र संख्या और वितरण व्यवस्था के संबंध में बातचीत कर निर्देश दिए। कटनी कलेक्टर ने बताया कि बैंकर्स सहयोग कर रहे। शाम 4 की जगह शाम 5:30 बजे तक वितरण का प्रबंध किया गया है। किसानों से प्राप्त राशि के संबंध में बैंक देर शाम तक वित्तीय व्यवहार कर रहे। मुख्यमंत्री ने यह व्यवस्था अन्य जिलों में भी करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव सहकारिता केसी गुप्ता दमोह से वीसी में शामिल हुए। उन्होंने सागर, छतरपुर और दमोह जिलों में उर्वरक वितरण की व्यवस्थाएँ दौरा कर देखी हैं।
मुख्यमंत्री के ये दिए निर्देश
- कहीं भी ब्लैक न हो खाद।
- किसान को कहीं जबरन खाद न दें।
- कलेक्टर्स भ्रमण करते रहें।
- किसी भी जिले में किसानों को लाइन न लगानी पड़े।
- जिलों में खाद वितरण सुचारू रहे, जहाँ आवश्यक हो विकेंद्रीकरण किया जाए।
- किसानों को अधिक दूरी से खाद लेने न आना पड़े।