बाघों की मौत के बाद अब आवारा श्वानों का वैक्सीनेशन हुआ शुरू


स्टोरी हाइलाइट्स

जांच के लिए सैंपल एसएफडब्ल्यूएच जबलपुर भेजे गए..!!

भोपाल। कान्हा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह में एक के बाद एक कर बाघिन सहित 3 शावकों की मौत के बाद पार्क से लगे हुए ग्रामीण इलाकों में आवारा श्वानों का वैक्सीनेशन शुरू कर दिया गया है। बताते हैं कि यह अभियान पार्क प्रबंधन ने मौतों के बाद पीएम की प्रारंभिक रिपोर्ट में कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी से मिलते हुए लक्षण मिले हैं। संक्रमण की आशंका को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने आनन-फानन में इन ग्रामों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम शुरू किया है। टीकाकरण कार्यक्रम के मुताबिक पार्क के सरही और भिलवानी वन ग्राम के 8 गांवों में घूमने वाले आवारा श्वानों का टीकाकरण किया गया। इसके लिए ग्रामीणों की मदद भी ली जा रही है। रिपोर्ट आने में लग सकता है। 

एक सप्ताह का समय

पार्क प्रबंधन के मुताबिक कैनाइन डिस्टेंपर की संदिग्धता को देखते हुए बाघ शावक और बाघिन के सैंपल जांच के लिए जबलपुर वेटरनरी यूनिवर्सिटी के एसडब्ल्यूएफएच सेंटर में भेजे गए हैं। सैंपलों की रिपोर्ट आने में करीब एक सप्ताह लग सकता है। फिलहाल पार्क प्रबंधन बाघिन के साथ तीन शावकों की मौत के बाद सकते में हैं।

यह है पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक कान्हा टाइगर रिजर्व में अमाही बाघिन टी-141 सरही परिक्षेत्र में 21 अप्रैल को पहले शावक का शव मिला था। इसके बाद 24 अप्रैल को दूसरे और 25 अप्रैल को तीसरे शावक की मौत हुई। शावकों की मौत के अलग-अलग कारण सामने आए थे। पहले दो शावकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके पेट खाली पाए गए थे, जिससे भूख को मौत का संभावित कारण माना गया। तीसरे शावक का शव जांच के लिए जबलपुर स्थित स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ भेजा गया था। दो दिन पहले अमाही बाघिन की मौत हो गई।