भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग ने प्रदेशभर में निर्मित नहरों की मरम्मत के लिये प्रत्येक परियोजना हेतु 160 रुपये प्रति हैक्टेयर के हिसाब से धनराशि जारी की है। इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि वृहद परियोजना वाली नहरों के लिये जल उपभोक्ता संथाओं द्वारा 100 रुपये, वितरिका समिति द्वारा 30 रुपये, परियोजना समिति द्वारा 15 रुपये एवं विभाग द्वारा 15 रुपये इस प्रकार कुल 160 रुपये प्रति हैक्टेयर राशि दी जायेगी।

इसी प्रकार, मध्यम परियोजना वाली नहरों के लिये जल उपभोक्ता संथाओं द्वारा 120 रुपये, वितरिका समिति द्वारा कुछ नहीं, परियोजना समिति द्वारा 20 रुपये एवं विभाग द्वारा 20 रुपये इस प्रकार कुल 160 रुपये प्रति हैक्टेयर राशि दी जायेगी। लघु परियोजना वाली नहरों के लिये जल उपभोक्ता संथाओं द्वारा 120 रुपये, वितरिका समिति द्वारा कुछ नहीं, परियोजना समिति द्वारा कुछ नहीं एवं विभाग द्वारा 40 रुपये इस प्रकार कुल 160 रुपये प्रति हैक्टेयर राशि दी जायेगी।

आदेश में कहा गया है कि इस राशि का उपयोग सितम्बर 2022 तक करना जरुरी होगा। साथ ही जल उपभोक्ता संथाओं को नहरों के कुशल संधारण एवं प्रबंधन के लिये प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निर्धारित शर्तों को पूरी करने पर 40 रुपये प्रति हैक्टेयर की दर से अतिरिक्त अनुदान देय होगा।

किया नियमों में बदलाव-

इधर जल संसाधन विभाग ने मप्र सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम 1999 के तहत बने मप्र कृषक संगठन नियम 1999 में बदलाव कर दिया है। नियमों में दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली को भी शामिल किया गया है। अब इसके आधार पर भी जल उपभोक्ता संथाओं के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र बनाये जा सकेंगे।

इसके अलावा, नियमों में ड्रिप सिस्टम, आउटलेट मेनेजमेंट सिस्टम, रोटेशन मेनेजमेंट सिस्टम, सोलर सिस्टम, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं बाल्व से सिंचाई पध्दति को भी शामिल किया गया है।