मप्र सरकार व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों मिशन रोजगार पर हैं। इसके तहत आज उन्होंने इंदौर में टॉय क्लस्टर का शिलान्यास किया और स्वरोजगार योजनाओं के तहत युवाओं को ऋण वितरण किया और युवाओं से संवाद किया। उन्होंने वादा किया कि सरकार युवा वर्ग को रोजगार दिलाने के लिये संकल्पित है।एक साल में 9.52 लाख लोगों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा इसके तहत सरकार ने 6081 करोड़ का लोन दिया है। सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु कौशल संवर्धन पाठ्यक्रमों में उद्यमिता को शामिल किया है। सरकार का दावा है कि स्वरोजगार के प्रयासों से देश में मप्र की बेरोजगारी दर न्यूनतम 0.5 फीसदी है। 

इस कार्यक्रम में इंदौर में 75 हजार से अधिक लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए 466 करोड़ रुपए की मदद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यहां प्रतीक के रूप में चयनित लाभार्थियों को लाभ के प्रमाण-पत्र का वितरण किया तथा इंदौर के अलावा प्रदेश के चार जिलों अनूपपुर, शाजापुर, बड़वानी एवं छतरपुर के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद भी किया। इधर इंदौर में मुख्य कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी जिला स्तरीय कार्यक्रम हो रहा है।

इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने बताया कि इंदौर में मात्र साडेतीन हेक्टेयर में बन रहे टॉय क्लस्टर में 22 फैक्ट्रियां लगेंगी, जिसमें 2100 से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा। मप्र का रोजगार दिवस का चौथा अवसर है। भारत में मप्र ही एकमात्र ऐसा प्रदेश है जिसमें 4 लाख से ज्यादा रोजगार दिए हैं। अभी तक 42 क्लस्टर बना चुके है। इनमें से 22 क्लस्टर का भूमिपूजन कर शुरू करेंगे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी तथा गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा व जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।