MP Politics: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती अब शुरू हो चुकी है. इसी साल के अंत में चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी चुनावी राह पकड़ ली है. दोनों ही दलों ने अपनी-अपनी राह पर चलना भी शुरू कर दिया. कांग्रेस ने हिंदुत्व की राह पकड़ी हैं. तो वहीं, बीजेपी ने अब मोदी की गारंटी से चुनावी मैदान में एंट्री मारी है.
कर्नाटक की जीत के बाद से ही मध्यप्रदेश में कांग्रेस के चुनावी मंचों से बजरंगबली की गूंज साफ़ तौर पर इशारा इसी तरफ कर रही हैं. राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को कमजोर करने के लिए जो गारंटी कार्ड चला है. वह कहीं ना कहीं कांग्रेस के लिए मुश्किलों भरा हो सकता है. क्योंकि बीजेपी के नेता अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने के लिए प्रधानमंत्री की उस गारंटी का जिक्र करने लगे हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश के हर घोटालेबाज पर कार्रवाई की गारंटी देता हूँ.
अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उसी गारंटी की एंट्री मध्य प्रदेश चुनाव में कर दी है. उन्होंने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस केवल झूठ की गारंटी देती है. गरीबी हटाओ कब कहां था कांग्रेस ने, इंदिरा जी ने 1971 में नारा दिया था गरीबी हटाओ, गरीबी हटी. केवल झूठ बोलना और सरेआम झूठ बोलना, ये गारंटी केवल झूठ बोलने की है.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम शिवराज बोले, कर्जा माफ़ किया 10 दिन में बताये राहुल गांधी, बेरोजगारी भत्ता दिया, समूह का कर्जा माफ़ किया, फसलों पर कोई बोनस दिया. कौन से वचन पूरे किए, एक के बाद एक झूठ बोलते चले गए और फिर गारंटी देने आए हैं. इनकी गारंटी सच हैं केबल भ्रष्टाचार की. महिलाओं के अपमान की गारंटी है, नौजवानों को केवल ठगने की गारंटी है, किसानों को छलने की गारंटी है, धोखा देने की गारंटी है. ऐसे गारंटी देने वाले जनता की नजरों से उतर चुके हैं.
कमलनाथ बोले- कृषि मंत्री के परिवार तक का हुआ कर्ज माफ
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सीएम शिवराज के इस बयान पर पलटवार किया. उन्होंने लिखा, शिवराज जी, आपकी सरकार ने खुद विधानसभा में स्वीकार किया है कि 27 लाख किसानों का कर्ज कांग्रेस सरकार ने माफ किया था. यहां तक कि वर्तमान कृषि मंत्री के परिवार तक का कर्ज माफ हुआ है.
कमलनाथ आगे बोले, इसके बावजूद भी आप जब चाहे झूठ बोलने लगते हैं. क्या सरेआम इस तरह झूठ बोलने में आपको बिल्कुल भी लज्जा का अनुभव नहीं होता. आपने यह भी कहा है कि कोई घोटालेबाज नहीं बचेगा. तो मध्य प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि डंपर घोटाला, व्यापम घोटाला, पोषण आहार घोटाला, पुलिस भर्ती घोटाला, नर्सिंग कॉलेज घोटाला और ई टेंडरिंग घोटाला आपके ही मुख्यमंत्री कार्यकाल में हुए हैं. घोटालेबाजों को आप पकड़ रहे हैं या संरक्षण दे रहे हैं?