भोपाल: पूर्व सांसद और कांग्रेस के दलित नेता प्रेमचंद गुड्डू राज्य में बढ़ते दलित-आदिवासी अत्याचार के खिलाफ समानता यात्रा निकालने का निर्णय लिया है. गुड्डू ने यह फैसला तब किया जब राज्य सरकार ने दलित-आदिवासियों के बीच पहुंचने के लिए समरसता यात्रा निकालने जा रही है. पूर्व सांसद गुड्डू ने दलित नेता एवं पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को नौटंकी बताया है.
पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. गुड्डू ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सबसे बड़ा नौटंकीबाज बताया है. उन्होंने छतरपुर जिले के बिकोरा गांव में दलित के चेहरे पर मानव मल पोतने के प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की. भाजपाइयों की शह पर दलित पीड़ित व्यक्ति पर ही गांव की पंचायत ने जुर्माना लगा दिया.
दलित नेता गुड्डू ने कहा कि संत रविदास के नाम पर मुख्यमंत्री की समरसता यात्रा महज वोट कबाड़ने की यात्रा है. उन्होंने कहा कि संत रविदास जी समानता के पैरोकार रहे हैं. उन्होंने कहा है कि दलितों के प्रति भाजपा की दोगली राजनीति रही है. दलितों के लिए रोजगार संबंधित योजनाएं बंद पड़े हैं. सरकारी स्कूलों में सुविधाएं स्वीकृति जा रही हैं.
इतना ही नहीं प्रधानमंत्री स्टैंडअप स्कीम के कई दलित हितग्राहियों को शासकीय सब्सिडी ना मिलने से एनपीए की कगार पर हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार नौकरी रोजगार जैसी असल सहायता की बजाय समरसता यात्रा जैसे कार्यक्रमों से इमोशनल ब्लैकमेल से वोट हथियाने के प्रयास कर रही है.