MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पटवारी व अन्य भर्ती में गड़बड़ी के खिलाफ स्टूडेंट्स प्रदर्शन कर रहें हैं. हालांकि, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इन आरोपों पर बिन्दुवार जवाब दिया. उन्होंने कहा, ग्वालियर के एक ही सेंटर से सात लोग मेरिट में आये यह ग़लत हैं. जबकि, सत्य यह है कि इन सातों ने एक शिफ्ट में परीक्षा ही नहीं दी. कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और अरुण यादव जिस सेंटर में धांधली का आरोप लगा रहे हैं वहां और हर सेंटर में परीक्षार्थी के हर शिफ्ट का रिकॉर्ड है. सीसीटीवी कैमरे भी परीक्षार्थी की हर गतिविधियों पर नज़र रखते हैं.

नरोत्तम मिश्रा ने आगे कहा, आप लिखित रिकॉर्ड मांगें, जबानी जमा खर्च से काम नहीं चलेगा. कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि हिंदी में साइन करने वाले पास हो गए. ये कितनी शर्मनाक बात है कि देश में हिंदी में हस्ताक्षर करने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. लुटियंस में घूमने वाले इटालियन संस्कृति के पैरोकार हिंदी पर सवाल तो उठाएंगे ही, लेकिन यहां भी कांग्रेस का झूठ बेनकाब हो गया है. हिंदी में साइन करने वाले किसी भी परीक्षार्थी के अंग्रेजी में 25 में से 25 नंबर नहीं आए है.

नरोत्तम मिश्रा बोले, उन्होंने एक और झूठ बोला. उनका कहना है कि ब्लैक लिस्टेड कंपनी को परीक्षा का काम दिया गया. लेकिन, सच यह है कि परीक्षा संचालित करने वाली देश की प्रतिष्ठित कंपनी है जो आईआईटी-नीट जैसे एग्जाम करवाती हैं. कांग्रेस का कहना है कि ग्वालियर के सेंटर से हज़ारों परीक्षार्थी पास हुए जबकि सच यह है कि उस सेंटर से मात्र 114 लोग ही पास हो सके हैं. हालांकि, वहां परीक्षा 10 हज़ार से ज्यादा लोगों ने दी थी. इससे ज्यादा लोग तो अन्य जिलों के सेंटरों से पास हुए है. ग्वालियर में केवल 5 प्रतिशत तो भोपाल में 42 प्रतिशत से अधिक परीक्षार्थी पास हुए हैं. कुल मिलाकर सरकार ने विपक्षी के सभी आरोपों को पूरी तरह से ख़ारिज कर दिया हैं.

छात्रों ने रखी ये मांग-

विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा हुआ है. वहीं, अब स्टूडेंट्स भी मैदान में उतर गए हैं. भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में स्टूडेंट्स भर्ती में गड़बड़ी के खिलाफ ज्ञापन देने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. इस दौरान इंदौर में नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के नेतृत्व में हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने पहुंचे. तभी प्रदर्शनकारी छात्र सड़क पर ही बैठ गए.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कलेक्टर ऑफिस के मेन गेट पर ही 'रघुपति राघव राजा राम' भजन गाया शुरू कर दिया. इस दौरान छात्र सिर्फ कलेक्टर से मिलने की ही बात करते रहें. उन्होंने कहा, जब तक नहीं आएंगे कलेक्टर तब तक ये लड़ाई जारी रहेगी. यहीं बैठे रहेंगे, हम बैरिकेड के बाहर ही बैठे रहेंगे. किसी तरह का उपद्रव नहीं करेंगे, लेकिन कोई हमारी बात सुनने तो आये.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने कलेक्टर इलैयाराजा टी को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि पटवारी भर्ती में फर्जीवाड़े की सीबीआई जांच नहीं हुई तो अगली बार सीएम हाउस का घेराव करेंगे. यही हाल भोपाल में भी देखने को मिला. हालांकि, यहां छात्रों ने जांच नहीं होने पर एक सप्ताह के बाद जंबूरी मैदान पर आंदोलन करने की बात कहीं.

सभी जगह प्रदर्शनकारी छात्रों ने रखी ये मांग-

1. परीक्षा की सीबीआई जांच हो.
2. सभी दस टॉपर्स की पूरी वीडियोग्राफी, जिसमें उनका रिस्पॉन्स टाइम पता चलता हों, जारी किया जाए.
3. सभी टॉपर्स का सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में मीडिया ट्रायल कराया जाए.
4. सभी जांच दस दिनों में पूरी कराई जाए.
5. जांच पूरी होने तक डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और पोस्टिंग की प्रक्रिया को लंबित रखा जाए.
6. आगामी परीक्षाओं को ऑफलाइन मोड़ में कराया जाए.
7. दिव्यांग कोटे में पात्रता के लिए कई कैंडिडेट बना रहे फर्जी प्रमाण-पत्र, उन पर कार्रवाई की जाए.
8. पेपर लीक के खिलाफ कानून बनाकर दोषियों को उम्रकैद की सजा दी जाए.