मध्यप्रदेश की सरकारी स्कूली शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रदेश भर में सीएम राइज स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं।शिवराज सरकार भी इस तरफ़ तेज़ी से ध्यान दे रही है। कई जिलों में स्कूल शुरू भी हो गए हैं। सरकारी स्कूल और सीएम राइज स्कूल में कितना अंतर है? या सीएम राइज स्कूलों से बच्चों का कैसा विकास हो रहा है और कितनी बेहतर पढ़ाई हो रही है। इसके परिणाम तो अभी सामने नहीं आए हैं।
लेकिन हां..! सोशल मीडिया के ज़रिये ये स्कूल चर्चा में जरुर आ गए है। पहले बालाघाट और अब सागर ज़िले के नरयावली का सीएम राइज़ स्कूल सुर्खियों में हैं। पहले बालाघाट में शिक्षक ही गणित के आसान से सवाल का जवाब न दे सकी थीं और अब सागर के नरयावली सीएम राइज़ स्कूल में शिक्षक और स्टाफ ही आपस में मार पीट करते हुए दिख रहे है। स्कूल स्टाफ के बीच हो रहे झगड़े के वायरल वीडियो ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये हमारे शिक्षक हैं जी स्कूल में छात्रों के सामने सरे आम मारपीट करते हैं, मामला सागर नरयावली के सीएम राइज़ स्कूल है, @ChouhanShivraj @Indersinghsjp इन पर कारवाई करे. @ABPNews #Sagar pic.twitter.com/xAAm9OAcxx
— Brajesh Rajput (@brajeshabpnews) September 3, 2022
पहले बात सागर ज़िले के नरयावली से वायरल हुए सीएम राइज़ स्कूल के वीडियो की करते हैं। वीडियो में स्कूल की शिक्षिका गुस्से में आकर बाबू को जोरदार थप्पड़ लगाते नज़र आ रही है। वहीं बाबू भी हाथ उठाते हुए अपशब्द कहता दिख रहा है। इसके बाद स्कूल प्राचार्य और अन्य लोग मामले को संभालते हुए झगड़ रही शिक्षिका व बाबू को स्कूल ग्राउंड से कार्यालय ले जाते हुए दिख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को बच्चे ग्राउंड में खड़े होकर देख रहे हैं।
इस घटना की शिकायत बाबू महेश जाटव ने स्कूल प्राचार्य आशा जैन से की और कहा कि शिक्षिका नीता विश्वकर्मा ने सबके सामने उन्हें थप्पड़ मारा। घटना का वीडियो दिखाते हुए उन्होंने कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिक्षिका ने भी अलग ही कहानी सुनाते हुए आपत्ति दर्ज कराई कि बाबू ने एक तो काम भी नहीं किया, ऊपर से गाली देकर अभद्र व्यवहार किया। शिक्षिका ने स्कूल प्राचार्य से कहा कि वह जब भी कागज लेकर सील लगवाने के लिए जाती तो बाबू कहता मेरे पास प्रभार नहीं है तो कभी कहता, मेरे पास सील नहीं हैं।
वहीं इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अखिलेश पाठक का कहना है कि सोशल मीडिया पर एक ऐसे वीडियो के वायरल होने की सूचना तो मिली है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
अब आप ही सोचिये अगर शिक्षक ही स्कूल परिसर में मार पीट करेंगे और अपशब्द कहेंगे तो बच्चे कैसे नई शिक्षा व्यवस्था में भी खुद को नए भारत के लिए योग्य बना पायेंगे? कैसे नई उड़ान भर पायेंगे? और कैसे देश का भार अपने कंधे पर उठा पायेंगे?
यह सवाल इसलिए क्योंकि ज़िले से कुछ ही दिनों में यह दूसरा वीडियो और प्रदेश से कई स्कूली वीडियोस वायरल हो चुके हैं। इससे पहले 29 अगस्त को सागर के ही देवरी विकासखंड के रसेना हायर सेकंडरी स्कूल में भी एक शिक्षिका द्वारा प्रभारी प्राचार्य को चप्पल मारने व अपशब्द कहने का वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद दोनों कर्मचारियों का अलग-अलग जगह तबादला कर दिया गया था।
Viral Video: सागर के ग्राम रसेना में स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षक-शिक्षिका के मध्य मारपीट हो गई। pic.twitter.com/Zjz5Vhe0ez
— NaiDunia (@Nai_Dunia) August 30, 2022
जानिए प्रदेश की सरकारी स्कूली व्यवस्था का हाल-
मध्य प्रदेश सरकार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज़ादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी ग्रामीण अंचलों में सरकारी शिक्षा व्यवस्था दम तोड़ती नज़र आ रही है। इस दम तोड़ती शिक्षा व्यवस्था के ज़रिये कैसे युवाओं के सुनहरे भविष्य का सपना पूरा होगा?
हमारी शिक्षा व्यवस्था में गुरु को प्रथम श्रेणी का दर्जा प्राप्त है, लेकिन अगर वहीं गुरु अपने कर्त्तव्य में फेल हो जायेगा, तो नौनिहालों का भविष्य भटकाव के अँधेरे रास्ते पर चला जाएगा। इससे न तो वह सुनहरे भविष्य की ओर आगे बढ़ पायेंगे और न ही देश का भार आपने कंधों पर उठाने के काबिल हो पायेंगे।
दरअसल, हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल ख़ोल दी, वो भी कलेक्टर के सामने। यह वीडियो बालाघाट ज़िले से वायरल हुआ था। यहाँ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा औचक निरीक्षण करने बिरसा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मोहगांव पहुंचे थे। इस दौरान प्राइमरी स्कूल के बच्चे तो बच्चे हेड मास्टर खुद ही गणित के आसान से सवाल में उलझ गईं थी।
वायरल वीडियो के अनुसार, सबसे पहले कलेक्टर गिरीश कुमार ने बच्चों का सामान्य ज्ञान परखने के लिए 441 में 4 से भाग लगाने को कहा लेकिन बच्चे सवाल हल नहीं कर पाये। इस पर मौजूद शिक्षक और हेड मास्टर सोना धुर्वे ने कलेक्टर महोदय से कहा कि सर अभी हम बच्चों को सिखा रहे हैं, क्योंकि लॉकडाउन होने की वजह से उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई है, इसलिए उनकी यह हालत है।
हेड मास्टर सोना धुर्वे की सफाई सुन कलेक्टर ने कहा कि आप ही इसे हल करके बच्चों को सिखाइए। कुछ देर सोचने के बाद हेड मास्टर ने सवाल तो हल किया, लेकिन उत्तर गलत आया। इसके बाद कलेक्टर ने फिर से सवाल हल करने के लिए कहा लेकिन फिर से सही जवाब नहीं आया। कई बार की कोशिश देख कलेक्टर ने हेडमास्टर से पूछा कि यह कैसे पता करेंगे कि यह सही है या ग़लत? इस पर चेहरा नीचे कर मैडम कुछ जवाब नहीं दे सकी। इस पूरे घटनाक्रम को देख कलेक्टर ने हेड मास्टर को जमकर फटकार लगाईं और वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।
इन वायरल वीडियोस को देख आपके मन में एक सवाल तो अवश्य उठा होगा कि अगर इस तरह के फेल टीचरों के हाथ में देश का नया भविष्य होगा तो फिर हम आत्मनिर्भर भारत से लेकर नए भारत का सपना देख तो लेंगे लेकिन उसे हासिल करने में असफल हो जायेंगे।
सीएम राइस स्कूल का नजारा-
ऐसा ही एक नज़ारा बहुप्रचारित सीएम राइस स्कूल में भी दिखा। बालाघाट में कलेक्टर के सीएम राइस स्कूल मलाजखंड के निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर निकलकर सामने आई, उसने सीएम राइस स्कूल में दी जाने वाली शिक्षा की भी पोल खोल दी।
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दरअसल यहां पर कलेक्टर ने प्राथमिक कक्षाओं के निरीक्षण के दौरान बच्चों से बोर्ड पर 6024 लिखकर उसमें 5 का भाग देने को कहा, लेकिन वह भाग नहीं दे पाए। इसके बाद टीचर दिनेश्वरी रहांगडाले को इस सवाल को हल करके बच्चों को समझाने को कहा गया। लेकिन वह भी इसे हल नहीं कर पाई। इस स्थिति को देख कलेक्टर ने टीचर के खिलाफ़ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।