भोपाल: राज्य के संस्कृति विभाग ने इंदौर में स्थित लाल बाग पैलेस को डिनोटिफाई कर दिया है। अब वहां अहिल्या बाई होल्कर स्मारक बनेगा। दरअसल इस पैलेस को संस्कृति विभाग ने 33 साल पहले मप्र प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम 1964 के तहत 22 अगस्त 1989 को राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया था।
इससे इस पैलेस के सौ मीटर दायरे में कोई भी निर्माण प्रतिबंधित हो गया था और इस सौ माटर से दो सौ मीटर व्यास में निर्माण रेगुलेटेड हो गया था। चूंकि इस पैलेस की भूमि पर अहिल्या बाई होल्कर स्मारक की स्थापना की जाना है, इसलिये अब इसे डिनोटिफाई कर इसे राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है।
यह पैलेस खसरा नंबर 1005 क्षेत्रफल 12.048 हैक्टेयर में है जिसमें से 1.215 हैक्टेयर भूमि संस्कृति विभाग के पास थी जिसे राजस्व विभाग को सौंपी गई है। भूमि सौंपने में शर्त रखी गई है कि इस भूमि के अतिरिक्त अन्य भूमि का उपयोग वर्जित रहेगा। सौंपी गई भूमि से महल की ओर आना वर्जित होगा। इस हेतु चाहरदिवारी का निर्माण संबंधित संस्था को अपने व्यय पर करना होगा। सौंपी गई भूमि पर किसी भी प्रकार का नवीन निर्माण बिना अनुमति के नहीं किया जायेगा।
बन रहा है कुशा भाऊ ठाकरे जैसा सभागार:
उल्लेखनीय है कि सीएम के निर्देश पर संस्कृति विभाग इंदौर स्थित लाल बाग पैलेस का मूल स्वरूप बरकरार रखते हुए उसे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार (मिंटो हॉल भोपाल) की तरह विकसित कर रहा है। विभाग के अनुसार, संरक्षित स्मारक लालबाग पैलेस इन्दौर का अनुरक्षण कार्य प्रगति पर है, उसे यथास्थिति में संरक्षित करते हुए पैलेस म्युजियम के रूप में जनसामान्य के अवलोकन हेतु खोला गया है।
प्रथम तल के शेष कक्ष, जिनका अनुरक्षण कार्य होना है, उनका उपयोग भी समकालीन दीर्घाओं के रूप में प्रदर्शित किया जाना प्रस्तावित है। द्वितीय तल पर स्थित हॉल जिसका अनुरक्षण कार्य किया जा रहा है, इसके दोनों ओर कक्ष एवं शौचालयों की भी संरचना है। इसको कुशाभाउ ठाकरे सभागार (मिन्टो हॉल) की तरह विकसित करने हेतु परीक्षण करवाकर कार्य योजना तैयार कराई जा रही है।