मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जिला समीक्षा के दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों से पैसा मांगने वालों को नौकरी से बाहर करें। गरीब से पैसा मांगने वालों को शासकीय सेवा में रहने का हक नहीं है।आज सुबह शहडोल जिले की ऑनलाइन समीक्षा में उनका यह रुख सामने आया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा अरबों रुपए के विकास और जनकल्याण के कार्य संचालित हैं। इनका लाभ सीधे जनता को मिलना चाहिए।इसे देखने के लिये विधायक और पंचायत प्रतिनिधि तथा अधिकारी कर्मचारी निरंतर क्षेत्र का दौरा करें।

जनता से संपर्क में रहें और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, निर्माण कार्यों तथा उपयोगी की गई सामग्री की गुणवत्ता पर नजर रखें तथा प्रो एक्टिव होकर कार्य करें। बैठक में शहडोल जिला कलेक्टर वंदना वैद्य, शहडोल एसपी प्रतीक श्रीवास्तव तथा जिले के सभी अधिकारियों ने बैठक में वुर्चअली भाग लिया। चौहान ने शहडोल की मुख्य सड़कों की स्थिति और सीवरेज के गड्ढे नहीं भरने पर अप्रसन्ता व्यक्त की उन्होंने स्थिति तथा कानून व्यवस्था आदि की स्थिति की। समीक्षा की तथा प्रतिमाह आयोजित होने वाले रोजगार दिवस से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने को कहा।

बैठक में जानकारी दी गई कि एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत शहडोल जिले में हल्दी की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पर सीएम ने खुशी जताई क्योंकि जिले में उत्पादित हल्दी के नमूने पतंजलि, बैद्यनाथ जैसी कंपनियों ने भी स्वीकृत किए हैं। बिजली आपूर्ति के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिगड़े ट्रांसफार्मरों को बदलने और सही वोल्टेज नहीं मिलने की समस्या का त्वरित समाधान किया जाए। इसके साथ ही लोगों को बिजली बिल भरने दायित्व बोध कराने के उद्देश्य से जागरूकता कैम्पों का आयोजन किया जाए। 

सरकार के निशाने पर हैं लापरवाह अफसर

ज्ञात हो कि हाल में शिवराज के तेवर सरकारी कामकाज में लेतलाली को लेकर काफी सख्त नजर आ रहे हैं। हाल में उन्होंने पन्ना जिले की समीक्षा के दौरान कलेक्टर को जमकर । लताड़ लगाई थी। सूत्रों का मानना है कि शिवराज प्रशासन में कसावट को लेकर खास फोकस कर रहे हैं। हाल में बनी सियासी परिस्थितियों को देखते हुए भी इस काम को प्राथमिकता पर रखा गया है।

हाल की कुछ घटनाओं के बाद प्रशासन के चेहरे को उजला बनाने की कोशिश हो रही है। नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा सरकार शहरी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के असर को लेकर चिंतित है। उधर विपक्षी दल कांग्रेस लगातार सरकार की योजनाओं को लेकर मुखर है तथा निकाय चुनाव की कुछ सफलताओं से उत्साहित भी है।