भोपाल:स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने 18 अगस्त 2023 को ग्यारसपुर (विदिशा) से कुख्यात अंतर्राष्ट्रीय बाघ शिकारी एवं तस्कर आदिन सिंह उर्फ कल्ला बावरिया को गिरफ्तार किया था। इसे उसके दो अन्य साथियों के सहित 4 वर्ष की सजा सुनाई गई है। टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने भारत सरकार के माध्यम से काठमांडू नेपाल से संपर्क कर कल्ला व उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तथा अपराधों के संबंध में जानकारी एकत्रित की थी जिसमें नेपाल में भी वर्ष 2012 में कल्ला के विरूद्ध बाघ के शिकार व उसके अवयवों की तस्करी का प्रकरण दर्ज होना पाया गया था। साथ ही पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र में भी बाघ के शिकार एवं उसके अवयवों के अवैध व्यापार का एक प्रकरण वर्ष 2013 का पाया गया। कल्ला बावरिया की विगत् कई वर्षों से कई राज्यों की पुलिस, वन विभाग एवं नेपाल सेन्ट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो तलाश रही थी। एसटीएसएफ द्वारा उक्त आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर वन विभाग जिला अकोला महाराष्ट्र को सौंपा गया था।
प्रकरण की विवेचना के दौरान पुजारी सिंह वल्द रामकुमार सिंह बावरिया निवासी होशियारपुर पंजाब एवं गिरोह की मुख्य कड़ी बाघ तस्कर एक महिला रिंडिक टेरोंपी निवासी असम को एसटीएसएफ द्वारा वर्ष 2025 में गिरफ्तार किया गया था। एसटीएसएफ के द्वारा की गई सटिक विवेचना एवं वैज्ञानिक तत्थ्यों के आधार पर एकत्रित किये गये सबूतों तथा सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी नर्मदापुरम द्वारा रखे गये शासन के ठोस पक्ष के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय नर्मदापुरम द्वारा 11 फरवरी 2026 को सभी 3 आरोपियों को दोषी मानते हुए 4-4 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। अब राज्य के वन विभाग द्वारा केन्द्र सरकार से अनुरोध कर कल्ला बावरिया को नेपाल को भी सौंपे जाने की कार्यवाही की जावेगी ताकि दक्षिण एशिया महाद्वीप में फैले इस अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के द्वारा बाघों की शिकार व उनके अवयवों की तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त किया जाना सुनिश्चित हो सकेगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी