भोपाल: वन मंत्री विजय शाह सोमवार से अपने विभाग की समीक्षा करने जा रहे हैं. 10 महीने का अपराधिक लेखा-जोखा के अनुसार अवैध कटाई के मामले में बैतूल सर्किल नंबर-वन है. जबकि शहडोल सर्किल में अनपढ़ प्राणियों के सबसे अधिक शिकार हुए हैं. अभी देखनी है की लटेरी गोली कांड के बाद से ही वन विभाग का भयजदा मैदानी अमला बिना हथियार के गलत कर रहा है.
जबलपुर सर्किल में अवैध कटाई के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए है. पिछले 10 महीने में 3636 अवैध कटाई के मामले फॉरेस्ट अधिकारियों ने दर्ज किए हैं. मैदानी अमले के अनुसार सबसे अवैध कटाई मंडला और डिंडोरी के जंगलों में हो रहा है.
वन विभाग का मैदानी अमला नक्सली और सशस्त्र टिंबर माफिया के भय से रात्रि में गस्ती नहीं कर रहा है. यही कारण है कि अवैध कटाई का सिलसिला जारी है. अवैध कटाई के मामले में दूसरे क्रम पर बैतूल सर्किल है. बैतूल के जंगलों में सागौन के सबसे बेहतरीन क्वालिटी के वृक्ष पाए जाते हैं. यही कारण है कि अंतर्राज्यीय टिंबर माफिया बैतूल में सक्रिय है.
तमाम कोशिशों के बावजूद भी साबुन की अवैध कटाई का सिलसिला थम नहीं रहा है. इसकी वजह भी साफ है कि एसडीओ से लेकर वीट गार्ड तक माफिया के माफिया के लिए काम कर रहे हैं. वन संरक्षक और डीएफओ रोस्टर के अनुसार भ्रमण नहीं करने के कारण टिंबर माफियाओं के हौसले बुलंद हैं.
जनवरी से अक्टूबर के अंत तक बैतूल सर्किल में 2815 अवैध कटाई के मामले पंजीबद्ध किए गए. सूत्रों की माने तो इन 10 महीनों में 30-40 ट्रक से अधिक सागौन की इमारती लकड़ी नागपुर और उसके आसपास के बाजार में बिक गई और फॉरेस्ट अफसरों को भनक तक नहीं लगी.
शहडोल सर्किल अवैध शिकार के मामले में शीर्ष पर है. पिछले 10 महीने में 71 से अधिक वन्य प्राणियों के शिकार के मामले पंजीबद्ध किए गए. यानी हर महीने 7 से 8 दिन प्राणियों के शिकार हो रहे हैं. वन विभाग के अफसर लैपटॉप से जंगलों की मानिटरिंग कर रहे हैं.
यही वजह है कि शहडोल सर्किल अवैध कटाई के मामले में तीसरे नंबर पर है. शहडोल में 2739 पंजीबद्ध हुए है. अवैध कटाई के मामले में सिवनी सर्किल भी अछूता नहीं है. सिवनी सर्किल में जनवरी से अक्टूबर के बीच 2372 अवैध कटाई के पंजीबद्ध किए गए हैं. आमतौर पर नेशनल पार्क का इलाका सबसे सुरक्षित माना जाता है किंतु अवैध कटाई वहां भी अंधाधुंध हो रही है.
अवैध कटाई के टॉप 10 सर्किल-
जबलपुर- 3636
बैतूल-2815
शहडोल-2739
छिंदवाड़ा-2539
सिवनी-2372
भोपाल-2310
सागर- 2284
छतरपुर-2271
खंडवा-1906
रीवा-1894
अवैध शिकार के टॉप टेन मामले-
शहडोल-71
बालाघाट-41
जबलपुर-34
छतरपुर-24
खंडवा-24
भोपाल-22
सागर-22
इंदौर-21
ग्वालियर-20
सिवनी-19