भोपाल : राज्य सरकार ने सिवनी जिले की कुरई तहसील में कर्मझिरी नाम से नया अभयारण्य बना दिया है। यह अब तक पेंच टाईगर रिजर्व के बफर जोन में था। इस नये अभयारण्य का क्षेत्रफल 1410.420 हैक्टेयर रहेगा जिसमें वनग्राम कर्मझिरी का रकबा 323.800 हैक्टेयर भी शामिल है।
उक्त अभयारण्य इसलिये बनाया गया है क्योंकि इसमें एकमात्र वन ग्राम कर्मझिरी है तथा अब इसके व्यवस्थापन यानि इसे हटाने के लिये भारत सरकार की योजना के तहत धन राशि (पन्द्रह लाख रुपये प्रति परिवार) मिल सकेगी। इस वन ग्राम के लोग यदि उक्त धनराशि लेकर स्वेच्छा से हट जाते हैं तो इसके बाद इस अभयारण्य को पेंच टाईगर रिजर्व के कोर एरिया में शामिल कर दिया जायेगा।
करैरा अभयारण्य डिनोटिफाई हुआ :
इधर राज्य सरकार ने 202.21 वर्गकिलोमीटर में फैले करैरा अभयारण्य को डिनोटिफाई कर दिया है। इसके लिये केंद्र सरकार ने अनुमति दी है। अब इस अभयारण्य में आने वाले करीब 33 ग्रामों कके निवासियों को अपनी भूमि की खरीद-फरोख्त का अधिकार मिल गया है तथा आगे इन्हें राजस्व ग्राम भी बना दिया जायेगा।
अमरकंट बना जैव विविधता विरासत स्थल :
राज्य सरकार ने अनूपपुर वनमंडल में उप वनमंडल राजेन्द्रग्राम के उप परिक्षेत्र अमरकंटक एवं भुण्डाकोना में आने वाले परिक्षेत्र अमरकंटक का 7681.50 हैक्टेयर क्षेत्र जैव विविधता विरासत स्थल घोषित कर दिया है। अब यहां प्राकृकितक वनस्पतियों एवं प्राणियों के संरक्षण हेतु प्रबंधन योजना तैयार होगी। छिन्दवाड़ा का पातालकोट एवं सतना का नरोहिल पहले ही जैव विविधता विरासत स्थल घोषित हो चुका है। यूनेस्कों द्वारा अमरकंटक और पचमढ़ी को पहले से ही बायोस्फियर क्षेत्र घोषित किया जा चुका है जिसमें जगंल, वन्यप्राणी एवं उसमें रह रहे लोग शामिल हैं।