मध्यप्रदेश के कटनी ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ा सड़क हादसा हो गया।  इस हादसे में एक दर्जन गायों की मौत हो गई, जबकि घायल गायों की संख्या भी काफ़ी ज्यादा हैं। जानकारी के अनुसार, हादसे के बाद ट्रक भी पलट गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कटनी के कुठला थाना अंतर्गत चाका पीरबाबा बायपास के ट्रांसपोर्ट नगर से लगे हुए हाइवे के पास एक तेज रफ़्तार ट्रक ने गायों के झुंड को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे एक दर्जन गाय की मौके पर मौत हो गई और तीन गाय घायल हो गईं।

घटना स्थल पर गौ रक्षक कमांडो फोर्स की जिलाध्यक्ष अमिता श्रीवास अपनी टीम साथ पहुंची और घायल पशुओं का इलाज किया गया, साथ ही पुलिस को पूरे मामले की सूचना दी गई। मृत गायों को नगर निगम द्वारा दफन किया गया।

कुछ दिन पहले ही एमपी के सतना से एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें लोग गायों पर लाठी बरसाकर उन्हें नदी के तेज बहाव में धकेलते नज़र आ रहें थे। लेकिन अब सवाल तो यह है कि क्या कमलनाथ सरकार से लेकर शिवराज सरकार तक हिंदू वोट बैंक को अपनी तरह कनेक्ट करने के लिए गोधन संरक्षण के नाम पर जो योजनायें लेकर आई थी, वह आज भी सिर्फ़ सरकारी कागजों तक ही क्यों सीमित नज़र आ रही हैं।

सरकार द्वारा शुरू की गई "गौ कैबिनेट" हो, या फिर गोधन संरक्षण के लिए प्रदेश भर में "गौशालाओं" का निर्माण करना हो, इसकी हकीकत सड़कों पर आज भी साफ़ नज़र आती है। सड़कों पर वाहनों के सामने पशुओं का लंबा झुंड लगभग सभी शहरों में देखने को मिलता है। ऐसे हालातों को देख "गोधन संरक्षण" के नाम पर चालू योजनायें सिर्फ़ सरकारी कागजों तक ही सीमित नजर आती हैं।

आम आदमी की गैर जिम्मेदारियों के कारण ही पशुओं की यह हालत होती है, जिससे सड़क हादसे भी होते है। वाहनों की तेज गति से पशुओं को भी कई बार नुकसान झेलना पड़ता है। किसी भी पशु को नुकसान न पहुचें इसे ध्यान में रखते हुए, वाहनों की गति को सीमित रखना ही मानवता का सबसे बड़ा धर्म है।