भोपाल: मप्र विधानसभा द्वारा गत शतीकालीन सत्र में पारित भू-राजस्व संहिता संशोधन बिल को राज्यपनाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे यह कानून के रुप में प्रभावशील हो गया है। इससे अब प्रदेश में भूमि के अविवादित नामांतरण के प्रकरण का तेजी के साथ निराकरण करने के लिए साइबर तहसील की स्थापना की जाएगी। इसमें क्रेता और विक्रेता को नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आनलाइन उपस्थित को मान्य किया जाएगा। इसी तरह गौण खनिज के अवैध खनन से जुड़े मामलों में अब राजस्व की जगह खनिज विभाग कार्रवाई करेगा।

कानून के तहत, अब अलग से सायबर तहसीलदार नियुक्त होगा। दो जिलों को मिलकर एक साइबर तहसील बनाई जा सकती है। इससे लंबित मामलों का तेजी के साथ निराकरण होगा। इसी तरह गौण खनिज से जुड़े अवैध खनन के मामलों में अब कार्रवाई खनिज विभाग ही करेगा। अभी राजस्व और खनिज विभाग, दोनों कार्रवाई करते थे।