लोनिवि ने अपने 40 रेस्ट हाऊस पर्यटन बोर्ड को सौंपे


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स्टोरी हाइलाइट्स

लोनिवि ने अपने ये रेस्टहाऊस उसके भवन एवं भूमि सहित 30 वर्ष की अवधि के लिये पर्यटन बोर्ड को सौंपे हैं..!

भोपाल : राज्य के लोक निर्माण विभाग ने अपने चालीस रेस्ट हाऊस आम पर्यटकों को उपलब्ध कराने के लिये मप्र पर्यटन बोर्ड को सौंप दिये हैं। पहले लोनिवि ने कहा था कि इन सौंपे गये रेस्टहाऊस से पर्यटन बोर्ड को जो आय होगी उसका एक निश्चित प्रतिशत लोनिवि को देना होगा परन्तु बाद में इस शर्त को खत्म कर दिया गया जिससे पर्यटन बोर्ड को अब कोई निश्चित राशि लोनिवि को नहीं देनी होगी।

लोनिवि ने अपने ये रेस्टहाऊस उसके भवन एवं भूमि सहित 30 वर्ष की अवधि के लिये पर्यटन बोर्ड को सौंपे हैं।

ये सौंपे हैं रेस्ट हाऊस :

बैतूल जिले में चोपना एवं शाहपुर, गुना जिले में बम्होरी, खटकिया व मकसूदनगढ़, होशंगाबाद जिले में ढेकना एवं सोहागपुर, रायसेन जिले में बरेली, उदयपुरा व ओबेदुल्लागंज, अशोकनगर जिले में चंदेरी, भिण्ड जिले में मालनपुर, मुरैना जिले में सबलगढ़, श्योपुर जिले में गोरस, शिवपुरी जिले में सुभाषपुरा, राजगढ़ जिले में राजगढ़ रेस्अ हाऊस एवं मोतीपुरा, बुरहानपुर जिले में असीरगढ़, बड़वानी जिले में सेंधवा, झाबुआ जिले में मेघनगर व थांदला, खरगौन जिले में बड़वाह, धामनोद रेड व पिपलिया, अनूपपुर जिले में राजेन्द्र ग्राम व अमरकंटक, सतना जिले में रामपुर बघेलान व चित्रकूट, सीधी जिले में मझौली, उमरिया जिले में ताला, दमोह जिले में बंधकपुर व खर्राघाट, छतरपुर जिले में भीमकुण्ड,  सागर जिले में ढाना व रेहली, देवास जिले में सतवास, नीमच जिले में मोरवन व कुकड़ेश्वर तथा छिन्दवाड़ा जिले में तामिया एवं छिन्दवाड़ा रेस्टहाऊस।

विभागीय अधिकारी ने बताया कि " हमने अपने 40 रेस्टहाऊस एमपी पर्यटन बोर्ड को सौंपे हैं। पहले इन रेस्टहाऊसों से होने वाली आय का एक हिस्सा हमें देने की बात थी परन्तु बाद में यह शर्त हटा दी गई है "।