अपने भतीजे अजित पवार के हाथों मात खाने के बाद अब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार सुबह अपने पुणे स्थित निवास स्थान से बाहर निकले। वे आज पार्टी के बचे हुए नेताओं और विधायकों के साथ अहम बैठक करेंगे। इससे पहले वे यशवंतराव चव्हाण की समाधि पर पहुंचेंगे। माना जा रहा है कि पवार अब शक्तिप्रदर्शन के मूड में हैं और पूरे राज्य में यात्रा पर निकलेंगे। संभावना है कि वह पार्टी के बागी विधायकों और नेताओं पर एक्शन ले सकते हैं। वहीं शिवसेना नेता संजय राउत के इस बयान ने खलबली मचा दी है कि अब महाराष्ट्र में सीएम भी बदलेगा और शिंदे की जगह अजित को यह पद मिलेगा। गौरतलब है कि शिंदे राकांपा के घोर विरोधी रहे हैं।
राउत ने कहा कि एकनाथ शिंदे को हटाया जाएगा और वह और उनके 16 विधायक अयोग्य हो जाएंगे। यह भी कहा जा रहा है कि शिंदे के बाहर होने के डर से ही पवार को भाजपा ने अंदर लिया है। इस बीच भाजपा के खेमे में पहुंचकर उपमुख्यमंत्री बने अजित पवार और 9 अन्य विधायकों के खिलाफ राकांपा ने विधानसभा अध्यक्ष को पास अयोग्यता याचिका दायर की है।
सूत्रों की मानें तो अजित पवार के सरकारी बंगले देवगिरि में आज सुबह एक अहम बैठक बुलाई गई जिसमे अजित पवार के समर्थक विधायकों कभी शामिल होने की खबर है। माना जा रहा है कि बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई है। वहीं राकांपा की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा है कि अजित पवार का यह कदम उनका अपना फैसला है। अजित पवार के साथ मेरा रिश्ता नहीं बदलेगा, वह हमेशा मेरे बड़े भाई रहेंगे।
सर्वे के बाद महाराष्ट्र में पलटी सियासत
■ महाराष्ट्र में अजित पवार और उनके समर्थक विधायकों को अपने साथ मिलाकर देवेंद्र फडणवीस ने सियासत ही पलट दी है। कल तक जितने भी सर्वे सामने आ रहे थे। उनमें यह बताया जा रहा था कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को सबसे ज्यादा सीटें मिलेंगी व बीजेपी को काफी नुकसान होगा। सुले की तरफ से भी यह कहा जा रहा था कि अकेले देवेंद्र फडणवीस क्या करेंगे लेकिन फडणवीस ने बड़ा खेल कर दिया।