मराठी महिला ने तेंदुए से पति को बचाया, कुत्ते ने भी दिया साथ 


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स्टोरी हाइलाइट्स

अपने पति की जान बचाने के लिए सावित्री के यम से बहस करने की कहानी तो सुनी ही होगी, लेकिन आज हम आपको कलयुग में सावित्री के बारे में बताने जा रहे हैं।

पति की जान बचाने के लिए तेंदुआ से लड़ी महिला

 पति की जान बचाने के लिए एक महिला ने तेंदुए से लड़ाई की। इतना ही नहीं, उसने यह लड़ाई भी जीती। तेंदुआ उसके पति का सिर अपने जबड़े में दबाए हुए था। वह तड़प रहा था। उसका पति धीरे-धीरे मर रहा था। लेकिन उसने हार नहीं मानी। एक योद्धा की तरह, वह एक तेंदुए पर टूट गई। आखिर में अपने पति की जान बचा ली।

यह महिला कौन है?

इस बहादुर महिला का नाम संजना पावड़े है। चौंकाने वाली घटना परनेर के चापलदरा में हुई। संजना के पति गोरख पावड़े आधी रात को पशुशाला गए थे। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया।

वास्तव में क्या हुआ?

गोरख पावड़े रात करीब 12 बजे उठे। पशुशाला से अजीब सी आवाजें आ रही थी। इसलिए वे वहां गए। इसी दौरान जमीन पर बैठे एक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। तेंदुआ ने पहले उसका सिर पकड़ा और फिर अपने तेज नाखूनों से उसके शरीर पर वार किया।

गोरख की चीख सुनकर उसकी पत्नी संजना दौड़ती हुई खलिहान की ओर आई। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सीधे तेंदुए पर जवाबी हमला किया। अचानक हुए हमले से तेंदुआ थोड़ा तितर-बितर हो गया। लेकिन फिर उन्होंने उसके पेट में जोर से घूंसा मारा। उसके बाद तेंदुए ने अपना पूरा ध्यान संजना की ओर लगाया। वो हमला करने की तैयारी कर रहा था। लेकिन तभी उनके पालतू कुत्ते ने तेंदुए की गर्दन काट ली। खलिहान में शुरू हुई लड़ाई ने सभी को जगा दिया। गोरख पावड़े के पिता दशरथ ने पत्थर से तेंदुए का विरोध किया। पत्थर और कुत्ते के हमले से तेंदुआ भी घायल हो गया। आखिरकार पावड़े परिवार ने मिलकर तेंदुए को भगाया। तेंदुए के हमले से गोरख घायल हो गए हैं। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बीच उनकी पत्नी संजना पावड़े द्वारा दिखाए गए साहस की हर तरफ तारीफ हो रही है।