भोपाल: राज्य सरकार ने 4 अगस्त 2020 को श्रम विभाग के अंतर्गत राज्य प्रवासी श्रमिक आयोग का गठन किया था और गठन की अधिसूचना में इसके कार्यरत रहने की अवधि दो साल निर्धारित की थी। परन्तु इसी माह 4 अगस्त 2022 को इसका कार्यकाल खत्म हो गया है, लेकिन इसके बाद भी इसे सक्रिय करने की कार्यवाही की जा रही है। जबकि पहले राज्य सरकार को इस आयोग का कार्यकाल बढ़ाना चाहिये।
दो साल पहले इस आयोग का गठन प्रवासी श्रमिकों के कल्याण, उनके रोजगार के अवसरों के सृजन, कौशल विकास में वृध्दि, प्रचलित श्रम कानूनों का उनके हित में प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रचलित सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिये किया गया था। परन्तु अभी तक आयोग का कोई अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है तथा दो सदस्यों के प्रावधान होने के बावजूद सिर्फ एक सदस्य भागचन्द्र उईके की दो माह पहले नियुक्ति की गई है।
इसके अलावा, आयोग का कार्यालय चलाने के लिये भोपाल के रचना नगर में बने एमपी-एमएलए आवास टावर में एक फ्लेट किराये पर लेने के लिये अनुबंध किया गया है तथा वहां इसे खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा, आयोग में श्रम विभाग के पांच अधिकारी-कर्मचारी स्टाफ के रुप में नियुक्त करने के लिये अब नियुक्ति आदेश श्रमायुक्त वीरेन्द्र सिंह रावत ने जारी किये हैं।
इन पांच कर्मियों में शामिल हैं: सहायक श्रम पदाधिकारी महेन्द्र सिंह बुन्देला, श्रम निरीक्षक राजेन्द्र सिंह परमार, सहायक वर्ग-3 संतोष कुशवाह, वाहन चालक उदय सिंह शेखर तथा भृ़त्य जमना लाल मालवीय। आयोग की सचिव ने बताया कि राज्य प्रवासी श्रमिक आयोग का कार्यालय भोपाल के रचना नगर टावर में खोलने के लिये अनुबंध किया गया है। एक सदस्य एवं पांच स्टाफ की भी नियुक्ति हुई है। अभी अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया गया है। आयोग का कार्यकाल बढ़ाने के लिये प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया है।