भाजपा से आए नीटू सिकरवार की उम्मीदवारी के विरोध में विधायक रावत ने कांग्रेस छोड़ी


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स्टोरी हाइलाइट्स

रावत मुरैना लोकसभा से सतीश सिकरवार नीटू को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज थे। रावत के नजदीकी सूत्रों का यह भी कहना है कि वह विधानसभा से भी इस्तीफा देंगे..!!

भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामनिवास रावत ने भी मंगलवार को भाजपा ज्वाइन कर ली है। सूत्रों का कहना है कि रावत मुरैना लोकसभा से सतीश सिकरवार नीटू को उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज थे। रावत के नजदीकी सूत्रों का यह भी कहना है कि वह विधानसभा से भी इस्तीफा देंगे।

चंबल की राजनीति में अपना एक अलग मुकाम रखने वाले श्योपुर जिले की विजयपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत विजयपुर सीट से 6 बार के विधायक हैं और पूर्व केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के खिलाफ लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। रामनिवास रावत ओबीसी वर्ग के बड़े नेता माने जाते हैं। 

पिछड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले रामनिवास रावत कांग्रेस में लगातार उपेक्षा के शिकार हो रहे थे। पार्टी छोड़ने के पहले रावत ने पार्टी हाई कमान को अवगत कराया था कि मुरैना लोकसभा से सतीश सिकरवार नीटू को उम्मीदवार नहीं बनाया जाए पर उनकी नहीं सुनी गई। इसी के चलते उन्होंने पार्टी को मंगलवार को अलविदा कह दिया। विधानसभा चुनाव में पराजित उम्मीदवार जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से ही कांग्रेस से नेताओं का पलायन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस के विधायक, महापौर, पूर्व सांसद और जिला अध्यक्ष से लेकर सैकड़ो पदाधिकारियों ने कांग्रेस को अलविदा कहा बीजेपी ज्वाइन कर लिया है।

विधानसभा से देंगे इस्तीफा, कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना

सूत्रों की माने तो कांग्रेस के टिकट से निर्वाचित विधायक रामनिवास रावत ने पार्टी छोड़ने  से पहले अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। चर्चा का ब्यौरा तो नहीं मिल पाया है, किन्तु सूत्रों का कहना है कि भाजपा नेतृत्व ने उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। बताया जाता है कि वे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे और उपचुनाव लड़ेंगे।

उमंग के बीजेपी में शामिल होने की चली अटकलें

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामनिवास रावत के बीजेपी ज्वाइन होने के पूर्व मंगलवार को दिनभर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के भी बीजेपी में जाने के अटकलें सुर्खियों में रही। इन अटकलों के बीच जब नेता-प्रत्यक्ष उमंग सिंघार से बात की तो उनका जवाब था कि बीजेपी और उनके विरोधी इस तरह की अफवाहें फैलाकर उनकी छवि खराब कर रहे हैं। उन्हें तो तब भी बीजेपी के बड़े नेताओं ने पार्टी ज्वाइन करने के लिए दबाव बनाया था जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए थे। तब उन्हें पार्टी ज्वाइन करने के लिए भाजपा विधायक संजय पाठक रात भर उनके बंगले पर पड़े रहे किंतु सिंघार ने अपना फैसला नहीं बदला। सिंघार का कहना था कि वह स्वर्गीय जमुना देवी के उत्तराधिकारी हैं कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ सकता।