MP Forest: विधानसभा प्रश्न लगा तब जाकर विभाग ने विवादित DFO को अनूपपुर से हटाया


स्टोरी हाइलाइट्स

MP Forest: वन मुख्यालय में किया अटैच, पेंद्रे को दिया अतिरिक्त प्रभार..!!

MP Forest: वन विभाग ने अनूपपुर के विवादित डीएफओ प्रजापति को हटाकर वन मुख्यालय में अटैच कर दिया। रिक्त डीएफओ का अतिरिक्त प्रभार शहडोल दक्षिण डीएफओ श्रद्धा पेंद्रे को दिया गया। डीएफओ के विरुद्ध हटाने की कार्रवाई तब की गई जब निलंबित डिप्टी रेंजर ने आत्महत्या की और उनके खिलाफ भाजपा विधायक ने विधानसभा में सवाल लगाया है।

हटाए गए डीएफओ सुशील प्रजापति के खिलाफ तीन महीने से पहले प्रतिबंधित दवाईयां और अन्य सामग्री खरीदने में क्रय भंडार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने एवं मातहत अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ अमर्यादित आचरण को लेकर आरोप-पत्र जारी करने की अनुशंसा की गई है। 

यह सिफारिश वन संरक्षक शैलेंद्र गुप्ता की जांच प्रतिवेदन के आधार पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन-दो) को मालिका मोहंता ने की है। सूत्रों का कहना है कि डीएफओ प्रजापति के खिलाफ आरोप पत्र दो महीने से राज्य मंत्रालय वल्लभ भवन में लंबित है।

जानकारी के अनुसार, अभी तक आरोप पत्र की फाइल वल्लभ भव डंप है। इस बीच पिछले दिनों प्रेमलाल बनवासी ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद वन विभाग हरकत में आया और मंगलवार को प्रजापति के हटाने का आदेश जारी किया।

रेंजर समेत कई कर्मचारियों ने की थी शिकायत-

स्थानांतरित अनूपपुर डीएफओ सुशील प्रजापति के खिलाफ एसडीओ-रेंजर समेत आधा दर्शन वन कर्मचारियों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। शिकायत करने वालों में अकेले दिवंगत डिप्टी रेंजर भी शामिल थे। खरीदी में गड़बड़ झाला और अधिकारियों-कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान करने और उनके साथ अमर्यादित आचरण की शिकायत पर एपीसीसीएफ (प्रशासन-2) को मालिका मोहन्ता ने गंभीरता से लिया और वन संरक्षक शैलेंद्र गुप्ता से इसकी जांच करवाई थी।

मोहंता की रिपोर्ट पर अभी तक नहीं हुई कार्रवाई-

अनूपपुर डीएफओ के खिलाफ हुई जांच के बाद एपीसीसीएफ मोहंता ने गुप्ता की जांच प्रतिवेदन के साथ पीसीसीएफ आरके यादव से आरोप पत्र जारी करने की सिफारिश की थी। मुख्यालय सूत्रों ने बताया कि मोहंता की रिपोर्ट के आधार पर पीसीसीएफ प्रशासन (एक) यादव ने शासन को अनुमोदन के लिए भेजा। सूत्रों की माने तो आरोप पत्र से संबंधित नस्ती दो महीने से अधिक समय से शासन के पास लंबित है।

डीएफओ ने इन्हें किया गया है निलंबित-

डीएफओ सुशील प्रजापति ने कथित गड़बड़ियों के आधार पर अप्रैल 23 से 13 जनवरी 24 तक वन कर्मचारियों को निलंबित किया है। इनमें प्रेमलाल बनवासी के अलावा बाल सिंह परस्ते, रामेश्वर पटेल, रविदास बैगा, रमेश कुमार द्विवेदी, भूपेंद्र कुमार मांझी, सुनील कुमार बैगा और अगेश्वर लाल साहू शामिल है।