मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं। विधानसभा चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने तक, सरकार के सभी ज़िलों में पदस्थ शासकीय, अर्द्ध शासकीय, निगम, मण्डल एवं स्थानीय निकायों के सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर बैन लगा दिया गया है। यह आदेश 5 दिसंबर तक प्रभावी होगा।
सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिये हैं कि बगैर अनुमति के कोई भी अवकाश पर नहीं जायेगा और न ही मुख्यालय छोड़ेगा। आदेश का पालन न करने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) 1965 के तहत एक पक्षीय दंडात्मक करने कार्यवाही की चेतावनी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई है। बिना वाजिब कारण के छुट्टी लेने वालों पर कार्यवाही की जाएगी।
5 दिसंबर की अवधि के लिए जिले में सभी हथियारों के लाइसेंस को स्थगित कर दिया है। आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश आर्म्स एक्ट 1959 के प्रावधानों के तहत जारी किया गया है, जिसमें विधानसभा चुनाव एक सरल और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए जाते हैं और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से ये कदम उठाया गया है।