भोपाल: राज्य सरकार नें रेरा की आपत्ति के बाद नया प्रावधान कर अनुबंध के अनुसार भूमि का विकास करने वाले डेवलपर को राहत प्रदान की है। विकास अनुबंध के अनुसार, अब डेवलपर को सम्पत्ति के विक्रय हेतु बनाये मुख्त्यारनामा पर सिर्फ एक हजार रुपये स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी जो कि पहले कुल सम्पत्ति की कीमत के पांच प्रतिशत के बराबर लगती थी। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
दरअसल, वर्तमान में बिल्डर, भूमि स्वामियों से अनुबंध कर उनकी भूमि का विकास करते हैं। यदि अनुबंध है कि विकास के बाद 30 प्रतिशत भवन भूमि स्वामी को दिये जायेंगे और शेष सत्तर प्रतिशत भवन बिल्डर अन्य को बेच सकेगा, तो डेवलपर सिर्फ एक हजार रुपये के स्टाम्प पर मुख्त्यारनामा बनाकर इन भवनों को बेच सकेगा। दरअसल, रेरा ने आपत्ति की थी जब विकास अनुबंध होता है उस समय भूमि पर भवन नहीं बने होते हैं, ऐसे में डेवलपर को कैसे सम्पत्ति विक्रय करने का अधिकार पहले से ही हो सकता है। इसी कारण से अब राज्य सरकार ने रास्ता निकाल कर मुख्त्यारनामा पर स्टाम्प ड्यूटी एक हजार नियत कर इसका निराकरण कर दिया है।