भोपाल: राज्य का जल संसाधन विभाग वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक राजस्व संग्रहण में पिछड़ गया है तथा प्रमुख अभियंता मदन सिंह डावर ने अपने विभाग के अपर मुख्य सचिव एसएन मिश्रा को पत्र लिखकर लक्ष्य घटाने का आग्रह किया है।
दरअसल सात माह पहले 12 अप्रैल 2022 को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जल संसाधन विभाग का राजस्व संग्रहण लक्ष्य वर्ष 2022-23 के लिये 650 करोड़ रुपये निर्धारित किया था, जिसमें उद्योग, नगरीय निकायों, एमपी पावर जनरेशन कंपनी एवं कृषि कार्य से प्राप्त राजस्व शामिल है। परन्तु वर्तमान नवम्बर माह में वह मात्र 324 करोड़ रुपये का ही राजस्व संग्रहण कर सका है।
ईएनसी ने एसीएस को पत्र लिख कर कहा है कि नगीय निकायों पर 275 करोड़ रुपयों की देनदारी लंबित है। नगरीय निकायों से बहुत कम राजस्व प्राप्त हो रहा है। इसलिये निर्धारित लक्ष्य 650 करोड़ रुपये प्राप्त किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिये लक्ष्य घटाकर 600 करोड़ रुपये किया जाये।
उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग का प्रदेश के सभी जलाशयों पर अधिकार रहता है तथा इससे पानी लेने पर वह जल कर वसूलता है। लेकिन सरकारी महकमे के उक्त विभाग एवं संस्थान जल कर अदा करने में काफी विलम्ब करते हैं, बल्कि देते ही नहीं हैं। इससे जल संसाधन विभाग अपना लक्ष्य नहीं प्राप्त कर पाता है।