भोपाल: राज्य का वन विभाग इस साल कृषि क्षेत्र में 4 हजार 125 हैक्टेयर में बांस का रोपण करेगा। इसके लिये बांस मिशन के अंतर्गत लगभग 20 करोड़ रुपये रखे गये हैं। मनरेगा योजना अंतर्गत स्वा सहायता समूहों के माध्यम से वन क्षेत्रों में 4950 हेक्टेगयर में बांस रोपण प्रस्तातवित किया गया है। इसके अलावा वन क्षेत्र में 1500 हेक्टेययर में बांस रोपण किया जायेगा।

एपीसीसीएफ विकास शाखा यूके सुबुध्दि के अनुसार, प्रदेश राज्य बांस मिशन के अंतर्गत पिछले वित्त वर्ष में 6 करोड़ 67 लाख 22 हजार रुपये स्वीकृत किये गये थे। बांस मिशन की योजना कृषि क्षेत्र में बांस वृक्षारापेण अंतर्गत 7909 हेक्टेवयर क्षेत्र में बांस रोपण कार्य कराया गया है। अब तक 3958 हितग्राहियों को 11 करोड़ 97 लाख 58 हजार रुपये का अनुदान वितरण करने हेतु बजट जारी किया गया है। मनरेगा योजना अंतर्गत स्व सहायता समूहों के माध्यम से वन क्षेत्रों में 4511 हेक्टेरयर में बांस रोपण कराया गया है। जबकि वन विभाग की योजना अंतर्गत वन क्षेत्र में 1752 बांस हेक्टेयर में बांस रोपण कराया गया है।

गये वित्त वर्ष में 1 हजार 10 बांस कृषकों एवं परम्परागत शिल्पकारों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिलाया गया है।  वर्ष 2023-24 में 700 बांस कृषकों एवं परम्पारागत शिल्पकारों को कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिलवाया जायेगा। प्रदेश में बांस में मूल्य  संवर्धन के लिये 20 क्लस्टारों में बांस की विभिन्नन प्रजातियों के रोपण पूर्ण हो चुका है। प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना 72 प्रतिशत एवं कौशल उन्नमयन 188 प्रतिशत हो चुका है। बांस हेतु चयनित तीन जिलों रीवा, हरदा एवं देवास के लिये पांच वर्षीय रोड मेप तैयार कर लक्ष्यों को निर्धारित किया गया है।

वर्ष 2022-23 में तीनों जिलों में 1100 हेक्टेयर रोपण लक्ष्य के विरूद्ध 1530 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में, वन क्षेत्रों में मनरेगा योजना में 250 हेक्टेयर रोपण लक्ष्य के विरूद्ध 650 हेक्टेयर तथा वन विभाग की योजनाओं में 750 हेक्टेयर रोपण लक्ष्य के विरूद्ध 1220 हेक्टेयर में बांस रोपण किया गया है।