भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह ने बुधवार को अचानक स्कूलों और आंगनबाड़ियों के निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण में स्कूलों और आंगनबाड़ियों के हाल देख उन्होंने लापरवाही बरतने पर एक शिक्षक और चपरासी को निलंबित करने का आदेश दिया, जबकि तीन प्रिंसिपल और दो शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं आंगनवाड़ी में बच्चों की कम उपस्थिति से नाराज कलेक्टर ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की सेवाएँ समाप्त करने के आदेश दिये।

कलेक्टर ने सूरज नगर हायर सेकेण्डरी स्कूल के निरीक्षण के दौरान पाया कि शिक्षिकायें बच्चों को पढ़ाने के बजाए साड़ी वाले को बुलाकर साढ़ी खरीद रही थीं। यह सब स्कूल प्राचार्य वंदना उपाध्याय के सामने हो रहा था और वह इसे देख रही थीं। साड़ियों को खरीदने से पहले मोल-भाव चल ही रहा था कि इतने में कलेक्टर आशीष सिंह पहुंच गए।

अचानक कलेक्टर को देख ही सन्नाटा छा गया, किसी के मुंह से आवाज तक नहीं निकली। इसके बाद प्रिंसिपल वंदना उपाध्याय को कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही उनकी वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया। एक अन्य शिक्षिका वर्षा दुबे का भी एक दिन का वेतन काटने का आदेश जारी किया गया।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को बर्खास्त कर दिया गया

आंगनवाड़ी क्रमांक 1074 में कलेक्टर ने पाया कि नामांकित 80 बच्चों के विरूद्ध केवल 13 बच्चे आये थे और उनका रिकार्ड भी संधारित नहीं किया जा रहा था। कम मतदान के बारे में पूछने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा जाटव कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को उसकी सेवायें समाप्त करने के निर्देश दिये।

कोटारा सुल्तानाबाद हायर सेकेंडरी स्कूल में औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि दो शिक्षक छुट्टी पर थे, जबकि तीन अन्य विविध कार्यों में व्यस्त थे। प्रधानाध्यापक रंजना शुक्ला भी बिना सूचना दिए ड्यूटी पर नहीं आई थीं। कलेक्टर ने प्राचार्य का एक दिन का वेतन काटने और उनकी वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिये। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

शिक्षक और चपरासी निलंबित

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रातीबड़ के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि शिक्षक हेमन्त श्रीवास्तव एक जुलाई से काम पर नहीं आ रहे हैं। कलेक्टर को बताया गया कि वे अपनी ड्यूटी भी ठीक से नहीं कर रहे हैं। इसी प्रकार चपरासी विजय सिंह परिहार भी अपने कर्तव्यों में लापरवाही करते हुए पाये गये। इस पर नाराज होकर कलेक्टर ने शिक्षक और चपरासी को निलंबित करने का आदेश दिया।

उन्होंने दूसरे चपरासी मोहन वर्मा के अमर्यादित आचरण के लिये उसका एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिये। उन्हें कारण बता कर नोटिस भी जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से उनकी वेतन वृद्धि रोकने का आदेश दिया गया। इसके अलावा उन्होंने स्कूल में चीजों पर नियंत्रण न रख पाने पर प्रिंसिपल शशि सिंह की वेतन वृद्धि रोकने का निर्देश दिया।