माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं- बारहवीं कक्षा की सप्लीमेंट्री एग्जाम में बड़ी लापरवाही सामने आई है। सोमवार को राजधानी के शिवाजी नगर स्थित सरोजिनी नायडू उमावि में एग्जाम होनी थी। लेकिन एग्जाम देने पहुंचे 12वीं के छात्रों को यहां पहुंचकर पता चला कि सेंटर बदल दिया गया है, जिसके बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया। 

बताया गया कि बोर्ड ने डीईओ अंजनी कुमार त्रिपाठी के कहने पर चार दिन पहले चार किमी दूर जहांगीराबाद स्कूल में सेंटर दे दिया गया और बच्चों को इसकी सूचना भी नहीं दी गई। छात्रों के हंगामें के बाद मंडल से पेपर मंगाए गए और सभी बच्चों को सरोजनी नायडू स्कूल में ही परीक्षा दिलाई गई। 

हालांकि परीक्षा करीब एक घंटे देर से शुरू हुई, इसके लिए छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया, तब मामला शांत हुआ। इस पूरे मामले में विद्यालय प्रशासन और डीईओ की गलती बताई जा रही है। मामले में मंडल प्रबंधन का कहना है कि यह गड़बड़ी कैसे हुई इसके लिए डीईओ से जवाब मांगा जाएगा। से
8 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा

मंडल द्वारा आयोजित दसवीं-बारहवीं की पूरक परीक्षा सोमवार को शुरू हुई। परीक्षा के पहले दिन जिले के 8 परीक्षा केंद्रों पर 12वीं के सभी विषयों की पूरक परीक्षा आयोजित की गई। सरोजनी नायडू स्कूल में करीब 1100 छात्रों को एक साथ बैठाकर परीक्षा देने की क्षमता थी। लेकिन इस समय निर्माण कार्य के चलते यहां के 10 कमरे तोड़ दिए गए हैं। मंडल ने स्कूल की क्षमता के पुराने रिकार्ड के आधार पर स्कूल में 12वीं सप्लीमेंट्री के छात्रों का सेंटर बनाकर प्रवेश पत्र भी जारी कर दिए। इस बीच डीईओ त्रिपाठी ने मंडल को सूचना दी कि यहां

पीएससी के एग्जाम होना है, इसलिए 12वीं के बच्चों का सेंटर बदल दिया जाए। इस पर परीक्षा के चार दिन पहले 14 जुलाई को मंडल ने सरोजनी नायडू स्कूल के बच्चों का सेंटर बदलकर चार किलोमीटर दूर जहांगीराबाद स्कूल में कर दिया। इसकी बच्चों को मंडल या डीईओ द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई। सोमवार को सभी बच्चे अपना पुराना प्रवेश पत्र लेकर सरोजनी नायडू स्कूल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका सेंटर बदल गया है। परेशान बच्चों और उनके अभिभावकों ने स्कूल के समक्ष जमकर हंगामा कर नारेबाजी कर दी।