बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शादी की इच्छा लिए गंगोत्री से बागेश्वर धाम की पैदल यात्रा का दम भरने वाली शिवरंजनी तिवारी की पदयात्रा को लेकर अब सवाल उठ खड़े हुए हैं।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें शिवरंजनी तिवारी के पिता से पत्रकार सवाल पूछता है, कि आप बताइए किस तरह से 4 घंटे में बागेश्वर धाम कैसे पहुंचा जा सकता है। पत्रकार का कहना था कि साढ़े 4 बजे यात्रा शुरु हुई वहीं 7 बजे शिवरंजनी रूद्राक्ष होटल के समने नज़र आईं। पदयात्रा को लेकर झूठ बोल जनता को वेवकूफ बनाया जा रहा है।
इसके बाद शिवरंजनी के पिता बैजनाथ तिवारी मध्यप्रदेश के छतरपुर और बागेश्वर धाम के घटनाक्रम पर कैमरे के सामने माफी मांगते नज़र आए। वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि रिपोर्टर के सवालों का जवाब दे पाने में शिवरंजनी के पिता पूरी तरह से असहज दिखाई दिए। वे यह कहते दिखाई दे रहे हैं, कि मैं स्वयं अस्वस्थ हूं, मुझे किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है।
जबकि रिपोर्टर ने उन पर प्रोपेगेंडा करने और शिवरंजनी की पदयात्रा को पूरी तरह से फेक और पब्लिसिटी पाने का एक स्टंट तक करार दे दिया। रिपोर्टर का तो यहां तक कहना था, कि शिवरंजनी पैदल जाने का ढ़ोंग कर रही है। छतरपुर से वे कुछ ही दूर पैदल चलीं इसके बाद गाड़ी में बैठकर बागेश्वर धाम तक पहुंची है।
रिपोर्टर के किसी भी सवैल का उत्तर शिवरंजनी के पिता बैजनाथ तिवारी ठीक से नहीं दे पा रहे थे। कहा जा रहा है, कि ये सब बस पिता और पुत्री का रचाया हुआ ढ़ोंग है समाजसेवी संगठनों को आगे आकर इसके ख़िलाफ़ एक्शन लेना चाहिए और FIR करवानी चाहिए।
वीडियों में पता चलता है, कि शिवरंजनी के पिता का पहले भी कभी बागेश्वर धाम में तेल बेचने के किसी मामले में विवाद हुआ थआ। जिस पर शिवरंजनी के पिता ये कहते नज़र आए कि मेरी कोई लड़ाई नहीं हुई थी।
वहीं पैदल गंगोत्री से मप्र के छतरपुर पहुंची शिवरंजनी तिवारी ने बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से शादी करने के अपने संकल्प को लेकर बड़ी बात कही है। शिवरंजनी ने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैंने शादी करने का संकल्प लिया है, न तो मेरी पर्ची खुली और न ही मेरे संकल्प का पता चला।"
उन्होंने आगे कहा कि मेरा संकल्प "पूज्य बालाजी के दर्शन करने का था और मैंने 11वीं कक्षा में जीव विज्ञान लिया था।" मुझे कैंसर का डॉक्टर बनना है, हे बालाजी, मुझे इस क्षेत्र में सफलता प्रदान करें। शिवरंजनी ने आगे कहा कि यही मेरी एकमात्र इच्छा थी। मेरी शादी करने की कोई इच्छा नहीं थी, लोगों ने मेरी यात्रा को शादी के विषय से जोड़ दिया।