मप्र में भाजपा ने इस बार पूरा जोर आदिवासी बहुल इलाकों में लगाने की रूपररेखा बना ली है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के मप्र में दौरे इसकी बानगी हैं। तीनों नेता आदिवासी बहुत इलाकों में आ रहे हैं। मोदी धार के बजाय अब सात दिन के भीतर अलग अलग शहडोल, शाह बालाघाट और नड्डा खरगोन पहुंच रहे हैं। वहीं  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर मप्र प्रभारी मुरलीधर राव, शिवप्रकाश समेत तमाम संगठन नेताओं के साथ चुनावी रोडमैप के तहत तीनों केंद्रीय नेताओं के पड़ाव की तैयारियों पर चर्चा की। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष भी खासतौर पर भोपाल पहुंचे और चर्चा में शामिल हुए। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में भाजपा को आदिवासी सीटों पर कम सीटें मिली थी और कांग्रेस को ज्यादा।

कांग्रेस बूथ प्रबंधन पर दे रही खास जोर

सूत्रों का कहना है कि भाजपा का पूरा फोकस मोदी के भोपाल आगमन के दौरान बूथ संबोधन पर है। वे यहां मप्र के सभी बूथों के साथ ही देशभर के बूथों के भाजपा कार्यकर्ताओं से मुखातिब होंगे। इसके लिये मप्र का चुनाव राजनीतिक नजरिये से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंदरखाने मप्र भाजपा की चिंता यह भी है कि कांग्रेस इस बार बूथ प्रबंधन पर खास जोर दे रही है। कमलनाथ ने बार बार बूथ पर मजबूत कमेटी बनाने व भाजपा की ही तरह 'पन्ना प्रयोग' तक करने की कवायद कराई है।

पूरी कवायद वोट बढ़ाने व आदिवासी इलाकों में पैठ की

■जानकार सूत्रों का कहना है कि मप्र भाजपा का फोकस इस बार 11 फीसद वोट बढ़ाने का है। पिछले चुनाव में भाजपा को करीब चालीस फीसद वोट मिले थे, कांग्रेस व भाजपा के बीच बमुश्किल आधा फीसद से भी कम अंतर रहा था। इसीलिये भाजपा का जोर वोट प्रतिशत बढाने पर है। मप्र में भाजपा को इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है, लिहाजा बूथों को मजबूत करने का खास अभियान महीनेभर से चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि मोदी मप्र के करीब ढाई हजार उन बूथ कार्यकर्ताओं से भोपाल में सीधे मुखाबित होंगे, जिन्हें मप्र संगठन ने खासतौर पर तैयार किया है।

■दरअसल कभी भाजपा का गढ़ रहे मालवा-निमाड़ ने पिछले चुनाव में सत्ता की चांबी कांग्रेस को सौंपी थी। भाजपा फिर से मालवा-निमाड़ में मजबूती चाहती है। राजनीतिक दृष्टि से महत्व रखने वाले इस हिस्से पर भाजपा का फोकस कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के असर को खत्म करना है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान मालवा-निमाड़ की 25 से अधिक विधानसभा सीटों की नब्ज टटोली थी। इनमें ज्यादातर सीटें आदिवासियों के लिए सुरक्षित हैं।