MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सीएम मोहन यादव की सुरक्षा में सेंध लग गई है। बताया जा रहा है कि जिस रूट से सीएम का काफिला गुजरना था वहां पुलिस नहीं पहुंची। हेड कांस्टेबल को मैसेज नहीं दिया गया। हर कोई इस बात से हैरान था कि भोपाल में जिस जगह से सीएम मोहन का काफिला गुजरना था, वहां पुलिस बल तैनात नहीं था। जब मामले की जांच की गई तो पता चला कि थाने में तैनात हेड कांस्टेबल ने मैसेज सुनने के बाद भी थाने के स्टाफ को सूचना नहीं दी। ऐसे में पुलिस ने लापरवाही बरतने वाले हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की है।

दरअसल 7 अक्टूबर की रात 9.30 बजे सीएम मोहन यादव स्टेट हैंगर से सीएम हाउस लौट रहे थे। डीसीपी जोन-3 रियाज इकबाल के मुताबिक, सीएम जिस रूट से गुजर रहे हैं, उस रूट पर कोहेफिजा थाने का पुलिस बल कहने के बावजूद नहीं पहुंचा। जबकि सेट पर मैसेज पहले ही दिया जा चुका था। लेकिन मैसेज सुनने के बाद भी थाने में ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल ने स्टाफ को इसकी जानकारी नहीं दी। ऐसे में मौके पर मौजूद पुलिस बल ने ट्रैफिक खुलवाया, जिसके बाद सीएम मोहन का काफिला वहां से रवाना हुआ।

इस लापरवाही के बाद डीसीपी जोन-3 रियाज इकबाल ने इस मामले में कार्रवाई की है। इस लापरवाही के लिए कोहेफिजा थाने के हेड कांस्टेबल संदीप बाथम की वेतन वृद्धि एक साल के लिए रोकने का आदेश जारी किया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई विभाग की लापरवाही को गंभीरता से लेने का संदेश दे रही है।

दरअसल, मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 15 जुलाई को इंदौर में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां सीएम मोहन का काफिला उस रास्ते पर चला गया जो बंद था। बाद में सीएम का काफिला तत्काल लौट गया। इसके बाद सीएम मोहन ने इस मामले में अधिकारियों को फटकार भी लगाई। भोपाल में इस गलती पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।