राजतिलक होते-होते हो जाता है वनवास, फिर छलका शिवराज का दर्द


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स्टोरी हाइलाइट्स

फिर से चर्चा में पूर्व सीएम के इमोशनल बोल

मध्य प्रदेश में 16 सालों तक सीएम रहे शिवराज सिंह चौहान को दरकिनार कर इस बार पार्टी आलाकमान ने मोहन यादव को सत्ता सौंपी ही। जनता-जनार्दन के साथ खुद पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए भी इस फैसले को अप्रत्याशित माना जा रहा था।

अब पूर्व सीएम शिवराज के बयानों को सत्ता से दूर रहने के उनके दर्द से  जोड़ा जाने लगा है। पूर्व सीएम के बेबाक बोल इस वक्त फिर से चर्चा में हैं। अब उन्होंने बुधनी के शाहगंज में कहा है कि ‘मुख्यमंत्री के पद तो आ जा सकते हैं, लेकिन मामा और भाई का पद कभी कोई नहीं छीन सकता।’ 

शिवराज ने यह भी कहा कहीं न कहीं कोई बड़ा उद्देश्य होगा यार, कई बार राजतिलक होते-होते वनवास भी हो जाता है, लेकिन जरूर किसी न किसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए होता है। उनकी यह बात सुनकर कई महिलाएं उनके गले लगकर रो पड़ीं। 

चौहान ने कहा कि मैं बहुत गंभीरता से कहा रहा हूं, तुम्हें छोड़कर कभी नहीं जाऊंगा। बहनों की योजनाएं भी जारी रहेंगी और भांजे-भांजियों के कल्याण में भी कोई कसर नहीं रहेंगी। शिवराज ने कहा कि चिंता मत करना, तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगा।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा मैंने अपने बंगले बी-8 का नाम भी बदलकर मामा का घर कर दिया है। साथ ही कहा है, कि मेरे प्यारे बहनों-भाइयों और भांजे-भांजियों, आप सबसे मेरा रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का है। पता बदल गया है, लेकिन "मामा का घर" तो मामा का घर है। आपसे भैया और मामा की तरह ही जुड़ा रहूँगा। मेरे घर के दरवाजे सदैव आपके लिए खुले रहेंगे। आपको जब भी मेरी याद आये या मेरी जरूरत हो, नि:संकोच घर पधारिये आखिर यह आपके मामा और भैया का घर जो है।