इंदौर के बेलेश्वर महादेव मंदिर हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। शुक्रवार को एक और शव बरामद हुआ।  इंदौर के मंदिर हादसे की जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। हादसे को लेकर मंदिर समिति के अध्यक्ष और सचिव पर गैर इरादतन हत्या का केस भी दर्ज किया गया है।

करीब 24 घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में रात 12 बजे से सेना ने मोर्चा संभाला, जिसके बाद से सेना ने 22 शव निकाले। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और मृतकों के परिवार वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही निर्देश दिए कि इस प्रदेश में ऐसे ढंके हुए कुएं-बावड़ी की तलाश कर खोले जाएंगे ताकि फिर कोई हादसा न हो। उन्होंने घटनास्थल का दौरा भी किया।

गुरुवार को राज्य सरकार ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए थे। इसके साथ ही सरकार ने मुआवजे का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस घटना में मरने वालों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की राहत राशि दी जाएगी। घायलों को मुफ्त इलाज के साथ ही 50 हजार रुपये की सहायता राशि भी दी जाएगी।

गौरतलब है कि इंदौर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में 50-60 फीट गहरे पानी से भरी बावड़ी की छत गिरने से रामनवमी का जश्न मातम में बदल गया और उस पर बैठे कई लोग गिर पड़े। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई। हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और बचाव दल मौके पर पहुंच गया और कुएं में गिरे लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। हालांकि, जिस इलाके में हादसा हुआ है वह काफी संकरा है, जिससे बचाव कार्य में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा।