मंत्री से जुड़ा मामला, इसलिए कार्यवाही से बच रहे अधिकारी !


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स्टोरी हाइलाइट्स

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाघ मूवमेंट वाले क्षेत्र में मांस पकाने का मामला..!!

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व 'एसटीआर' के बाघ मूवमेंट वाले क्षेत्र में मांस पकाने की घटना के सामने आने के 20 दिन बाद भी वन विभाग कार्यवाही नहीं कर रहा है। वीडियो में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह दिख रहे हैं, उन्हीं की आवाज सुनाई दे रही है। वह वनकर्मियों से पूछ रहे हैं कि क्या बनाया है, जवाब में मांस पकाने की बात कही जाती है। 

बाघ मूवमेंट वाला इलाका साफ दिखाई दे रहा है, जहां आग जलाना तो दूर जाने तक की मनाही है। टाइगर रिजर्व में आग जलाने व मांस पकाकर पार्टी करने का मामला करीब 20 दिन पुराना है। सूत्रों का दावा है कि मांस पकाने से जुड़े वीडियो की पुष्टि हो चुकी है। वह एसटीआर का ही है। उसमें दिखाई देने वाले वनकर्मी भी वहीं पदस्थ है। हालांकि 20 दिन बाद भी जांच अधूरी है जिससे वरिष्ठ अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। कुछ अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की जांच किसी वरिष्ठ स्तर के अधिकारी से कराई जानी चाहिए, क्योंकि बाघ मूवमेंट जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में प्रवेश करना, आग जलाना, घूमना, शोर मचाना नियमों के सख्त खिलाफ है।

एक-दूसरे के पाले में गेंद
शुरू से ही पूरे मामले को एक-दूसरे के पाले में डालने का प्रयास होता रहा है। शिकायत मिलने के एक दिन बाद चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन असीम श्रीवास्तव ने एसटीआर के फील्ड डायरेक्टर एल कृष्णमूर्ति को जांच के लिए लिखा था। फील्ड डायरेक्टर ने जांच स्वयं करने की बजाए एसटीआर के डिप्टी डायरेक्टर से करानी शुरू कर दी। विशेषज्ञों के मुताबिक संदीप डिप्टी डायरेक्टर है और मामला चिकन पार्टी होने की दिनांक तक पूर्व मंत्री व मौजूदा विधायक से जुड़ा था। अब वहीं पूर्व मंत्री मंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। ऐसे में डिप्टी डायरेक्टर स्तर के अधिकारी से न तो पहले जांच का औचित्य था और न ही अब औचित्य है।