मध्यप्रदेश में पढ़ाई से जॉब तक के संघर्ष को समाप्त करने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ी पहल की। मंगलवार को CM शिवराज ने औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में ऑन जॉब ट्रेनिंग की सुविधा के लिए शुरू की गई "मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना" लांच कर दी।  

भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आवेदकों की पंजीयन प्रक्रिया और MMSKY पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान एक युवा का पोर्टल पर पंजीयन फॉर्म भी भरवाया और कॉलेज की छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि स मौके पर बोलते CM शिवराज सिंह चौहान ने कहा हुए "चिड़िया अपने बच्चों को घोंसला नहीं, पंख देती है, जिससे वे ऊँचे आसमान में उड़ सकें।"  सीएम शिवराज ने बताया कि मध्यप्रदेश की अपनी स्टार्टअप पॉलिसी है। प्रदेश में 2800 से ज्यादा स्टार्टअप्स हमारे बेटा-बेटी चला रहे हैं, जिनका 4 हजार करोड़ से लेकर 8 हजार करोड़ तक का टर्नओवर है।

राज्य में चल रही भर्ती प्रक्रिया के जानकारी देते हुए CM शिवराज ने कहा कि मैंने 15 अगस्त 2022 को सरकारी नौकरियों में एक लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। आज मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि 55 हजार पदों पर भर्तियां की जा चुकी हैं और बाकी पदों पर 15 अगस्त तक भर्तियां पूरी कर ली जाएंगी।

सीएम शिवराज में प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि मेरे बच्चों, मैं तुम्हारे सपनों को मरने नहीं दूंगा, तुम्हारी पढ़ाई के बीच में कोई बाधा नहीं आने दूंगा। हमने गांव-गांव में स्कूल खोलने के साथ बच्चों को नि:शुल्क किताबें, यूनिफार्म, स्कॉलरशिप देने का काम किया, ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो।

अपने संबोधन में CM शिवराज ने बताया कि कि मेरे बेटा-बेटियों, मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में आपको काम सीखने के दौरान स्टाइपेंड भी मिलेगा। 12वीं पास को 8 हजार, आईटीआई पास को 8.5 हजार, डिप्लोमा धारकों को 9 हजार और  ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट को 10 हजार रुपये स्टाइपेंड भी मिलेगा।

कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  यशोधरा राजे सिंधिया, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  इंदर सिंह परमार विशिष्ट अतिथि थे।