मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहपुरा, जिला डिंडौरी में आयोजित 'पेसा जागरुकता सम्मेलन' का कन्या पूजन, दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर शुभारंभ किया। सीएम ने ग्राम गुरैया, जिला डिंडौरी में एक ग्राम सभा को सम्बोधित करते हुए पेसा एक्ट के विभिन्न प्रावधानों से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि अब ग्राम सभा को अधिकार है कि वह गांव के हित में कई निर्णय ले सकती है।
इतना ही नहीं सीएम शिवराज ने एक शिशु को अपनी गोद में भी उठाया और उसका नामकरण भी किया। जी हां पेसा एक्ट लागू होने के बाद बच्चे का नाम पेसा रखा गया है। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते, ज़िले के प्रभारी मंत्री डॉ मोहन यादव और गणमान्य जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
सीएम शिवराज ने 'पेसा एक्ट' पर ग्राम के मुखिया यानि कि संरपंचों को भेजे जाने वाले पोस्ट कार्ड, 'मामा की पाती' के प्रतीकों का विमोचन किया गया। साथ ही क्षय रोग व सिकिलसेल एनीमिया में कारगर जिले के नवाचार 'जीवनदायिनी प्रसाद' वितरण का सांकेतिक शुभारंभ किया। अब हर साल ग्रामसभा में पटवारी और फारेस्ट बीट गार्ड जमीन का नक्शा, खसरे की नकल और बी-1 की कॉपी लेकर आएंगे और पढ़ कर पूरे ग्रामवासी को सुनाएंगे।
अलावा इसके सीएम ने कहा यदि किसी ने छल-कपट या धोखे से जनजातीय भाई-बहनों की जमीन अपने नाम करवाई है, तो ग्राम सभा को यह अधिकार होगा कि वह जमीन को वापस करवाए। वहीं मध्यप्रदेश की धरती पर जनजातीय भाई-बहनों के साथ शादी कर या बहला-फुसला कर उनकी जमीन हड़पने या उनका धर्मांतरण करने का कोई प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा।