नए साल के कामकाजी सप्ताह की शुरूआत के साथ ही शिवराज सरकार 'नए कलेवर में कामकाज के मोड़ में आ गई है। कल शाम मुख्यमंत्री आवास पर मंत्री - अफसरों की बड़ी व लंबी बैठक के बाद आज फिर नए साल की पहली कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट का फोकस गांवों व गरीबों की ओर रहा। वहीं सीएम ने कहा कि गरीबों को आवासीय भूखंड देने का काम कल से टीकमगढ़ से शुरू होगा। इसके बाद अन्य जिलों में भी यह सिलसिला चलेगा।

कारी के मुताबिक कैबिनेट में निर्विरोध निर्वाचित हुई ग्राम पंचायतों की पुरस्कार राशि बढ़ाने के प्रस्ताव को हरी झंडी देने से पहले चर्चा हुई। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है। इनमें इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा के सरकारी मेडिकल कालेजों में पीजी सीटें बढाई जाना हैं।

कैबिनेट ने लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग के दो प्रस्तावों में इंदौर में तलावली चांदा के पास राजस्व विभाग की भूमि और सागर में ग्राम तिलिमाफी स्थित राजस्व विभाग की भूमि के परिसंपत्ति का निवर्तन के प्रस्ताव समेत सांवेर के बुढीबरलाई में शैक्षणिक प्रयोजन के लिए सिद्धी विनायक बाल कल्याण समिति 1204 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने, गुना के महावीरपुरा में 0.627 हेक्टेयर भूमि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर को भवन निर्माण के लिए स्थायी लीज देने और बुरहानपुर में भाजपा कार्यालय को 3000 वर्गफीट भूमि देने के प्रस्ताव भी लाए गए हैं। इसके अलावा सरकार अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत दस संभागीय ज्ञानोदय आवासीय विद्यालयों में नियमित पदों से पद पूर्ति एवं प्रयोगशाला सहायक को प्राथमिक शिक्षक संवर्ग के समक्ष करेगी। 2846 ग्रेन बैंकों के माध्यम से वितरित 15.75 करोड़ के खाद्यान्न पर शासन को हुए नुकसान में कैग के प्रतिवेदन पर लोक लेखा समिति की आपत्ति के संबंध में प्रस्ताव रखा गया है।

'नाथ सशरीर दिल्ली में, मन भटकता है श्यामला हिल्स में' 

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सीएम हाउस में बीती शाम की बैठक पर दिये बयान पर भाजपा में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज कहा है कि सरकार जाने के बाद कमलनाथ सशरीर तो दिल्ली में रहते है लेकिन सत्ता सुख प्राप्ति के लिए उनकी आत्मा श्यामला हिल्स में ही भटकती रहती है। मिश्रा ने कहा कि बकौल कमलनाथ, सीएम हाउस में बैठक अधिकारियों/कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए की गई थी।

मिश्रा ने कहा कि मैं कमलनाथ से पूछना चाहता हूँ, कि उनके पास ऐसी कौन सी दिव्य दृष्टि है जो वह सीएम हाउस में हुई बैठकों का हाल उनको बता देती है। नाथ जितनी चिंता भाजपा बैठकों कि करते है अगर उतनी चिंता अपनी सरकार व विधायको कि कर लेते तो न सरकार गिरती और न ही 40 विधायक पार्टी छोड़कर जाते । राष्ट्रपति चुनाव में क्रास वोटिंग भी नही होती। वहीं कमलनाथ 5 जनवरी को सतना के दौरे पर जा रहे हैं। नाथ वहां दोपहर को ओबीसी सम्मेलन संबोधित करेंगे इससे पहले वे मीडिया से भी चर्चा करेंगे।