मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अपनी कैबिनेट के कुछ ऐसे सदस्यों के साथ एकांत में संवादरत हैं जो मूलतः भाजपा काडर के नहीं हैं। दरअसल आज सुबह ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से भाजपा में आये नेताओं को सीएम हाउस तलब किया गया।
सूत्र बताते हैं कि आज शिवराज ने मंत्री तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह, तोमर, हरदीप सिंह डंग समेत आधा दर्जन मंत्रियों को बुलाया तथा इनके साथ करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की। यह चर्चा कल रात तक चली कोर ग्रुप की बैठक के बाद काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मप्र में कैबिनेट में बदलाव समेत कुछ चेहरों को संगठन में भेजने और नये चेहरों को कैबिनेट में लाने की भी सुगबुगाहटें हैं।
वहीं सिंधिया समर्थकों की जिलों में भाजपा के मूल काडर के साथ खटपट की शिकायतें भी उभरी हैं। बताया जाता है कि आवास पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री इन मंत्रियों के साथ निकले और कारों में सवार होकर चले गये। सूत्रों का कहना है कि यह मंत्री भोपाल के बाहर किसी स्थान पर शिवराज के साथ गए हैं जहां भोजन के साथ कुछ और चर्चा भी होंगी तथा इस चर्चा में कुछ और चेहरे भी जुड़ेंगे।
दरअसल हाईकमान द्वारा कल भाजपा के चार प्रदेशाध्यक्ष बदले जाने और देर रात तक चली मप्र भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक के बाद आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करीब 9 घंटे का समय आरक्षित रखा है। उनके कार्यक्रम देर शाम को कुछ सरकारी बैठकों के रखे गए हैं। सूत्रों का मानना है कि कोर ग्रुप की बैठक में उभरे मुद्दे, सरकार व संगठन के बीच के तालमेल और अन्य बदलाव "संबंधी बातों पर वे विचार मंथन कर रहे हैं और कुछ खास लोगों के साथ चर्चारत भी हैं।
100 कमजोर इलाकों के टिकट पहले तय करेगी भाजपा
गौरतलब है कि कल देर रात तक प्रदेश कार्यालय में भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक चली है। सूत्रों की मानें तो पांच घंटे के मंथन में मंत्रियों और पदाधिकारियों से उनके प्रभार के मोर्चा प्रकोष्ठों के कामकाज का ब्योरा भी लिया गया। कोर ग्रुप सदस्यों सुझाव दिया कि हारी (आकांक्षी सीट) 100 सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा जल्दी कर दें। बैठक में तय हुआ कि इस पर विस्तृत कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग को दी गई।
सारंग ने कोर ग्रुप के सामने हारी हुई सीटों पर अब तक की गई कवायद की रिपोर्ट भी रखी। वहीं यह भी तय हुआ है कि भाजपा में नये नेताओं को जोड़ने का काम मंत्री नरोत्तम मिश्रा करेंगे। उधर कल हाईकमान द्वारा चार प्रदेश अध्यक्षों को बदले जाने के बाद मप्र में भाजपा के 'कुछ हल्को' में राहत की सांस ली गई है। वीडी शर्मा के कुछ करीबी नेता काफी उत्साहित भी हैं और अब यह भी तय माना जाने लगा है कि शिवराज और वीडी की अगुवाई में भाजपा चुनाव में उतर सकती है।