उज्जैन प्रवास के दौरान 24 जुलाई को श्रावण माह के तीसरे सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में परिवार समेत भगवान श्री महाकालेश्वर का अभिषेक किया। उन्होंने समस्त सृष्टि के कल्याण के साथ-साथ प्राणियों के कल्याण, सबके कल्याण, स्वास्थ्य एवं सुख की भी कामना की। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी अभिषेक शर्मा (बाला गुरु) पुरोहित सुभाष शर्मा द्वारा किया गया। महाकाल की पूजा-अर्चना के बाद महाकाल लोगों के दर्शन के लिए निकले। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बेटे कार्तिकेय और पत्नी साधना सिंह के साथ।
मैं बाबा महाकाल से सबके कल्याण की प्रार्थना करने आया हूं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्री महाकाल लोक के दर्शन करते हुए कहा कि श्री महाकाल महाराज की कृपा प्रदेश की जनता पर बनी रहे। चाहे प्रदेश पर हो, चाहे देश पर हो, वह सब पर अपनी कृपा बनाये रखें। सभी सुखी, स्वस्थ और स्वस्थ रहें यही कामना करने के लिए मैं बाबा महाकाल के दरबार में आया हूँ।
इसके बाद CM शिवराज बाबा महाकाल की तीसरी सवारी में भी परिवार के साथ शामिल हुए। शाम करीब सवा पांच बजे बाबा महाकाल की सवारी शिप्रा नदी के रामघाट पहुंची। यहां बाबा की पूजा-अर्चना और मां शिप्रा के जल से अभिषेक किया गयागा। रामघाट और दत्त अखाड़ा क्षेत्र में भी भगवान चंद्रमौलेश्वर की पूजा की गई।
बाबा महाकाल की तीसरी सवारी के लिए सवारी मार्ग को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। साथ ही चारों तरफ फूलों और रंगोली से आकर्षक सजावट भी की गई है। बाबा महाकाल की सवारी देखने के लिए प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे हैं, जो बाबा महाकाल की एक झलक पाने के लिए उत्सुक हैं।
भगवान को प्रणाम करने के बाद बाबा महाकाल नगरी भ्रमण के लिए निकल पड़े। पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश और बाज पर तांडव रूप में शिव विराजमान होकर अपनी प्रजा का हाल जानने निकले। बाबा महाकाल की सवारी महाकाल मंदिर से प्रारंभ हुई। चारों ओर महाकाल के जयकारे गूंज उठे।
सवारी प्रारम्भ होने से पूर्व श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर के सभा मण्डप में श्रीमहाकालेश्वर मन्दिर के मुख्य पुजारी द्वारा षोडशोपचार पूजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी श्रीमती साधना सिंह ने भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर का षोडशोपचार से पूजन किया। इसके बाद आरती की गई। आरती के बाद भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर को पालकी में और श्री मनमहेश को हाथी पर और शिव को गरूड़ पर तांडव रूप में विराजमान कर नगर भ्रमण पर निकल पड़े। सवारी जैसे ही मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंची सशस्त्र पुलिस बल ने पालकी में विराजमान भगवान चंद्रमौलेश्वर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।