मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर बीबीसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। विधायक शैलेंद्र जैन के अशासकीय निंदा प्रस्ताव पर निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने प्रस्ताव का समर्थन किया और बहुमत के आधार पर निंदा प्रस्ताव पास हो गया। 

प्रस्ताव पारित होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ब्रिटिश शासन से आजादी के बाद भारत ने इन मूल्यों को और समृद्ध किया है और आज प्रधानमंत्री श्रीमान नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में एक वैभवशाली, गौरवशाली, संपन्न और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में पूरी दुनिया में उभरा है।

भारत आज कई मुद्दों पर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है और ऐसे में कुछ समूह या कुछ व्यक्ति, वैश्विक स्तर पर भारत की जो प्रसंगिकता बढ़ी है उस से व्यथित मालूम होते हैं। उन्हें तकलीफ और कष्ट है।

इसलिए भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए और देश में हलचल पैदा करने के लिए, बीबीसी ने जो किया है उस पर भारत की जांच संस्थाओं और न्यायिक अधिकारता से पहले ही निर्णय हो चुका है लेकिन बीबीसी ने स्वतंत्र प्रेस न्यायिक व्यवस्था और प्रजातांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के वैधता पर ही सवाल खड़े किए हैं।

बीबीसी ने स्वयं, स्वेक्षा से जज के रूप में खुद ही को नियुक्त कर लिया और स्वयं को दूरी के रूप में प्रस्तुत करने का काम किया है। जो ब्रिटेन की कार्यप्रणाली से भी मेल नहीं खाता है। बीबीसी ने इस मामले की सामाजिक, राजनैतिक, संवेदनशीलता की घोर अनदेखी की है। डॉक्यूमेंट्री ने मुखौटा खोजी पत्रकारिता का लगा रखा है। जब की वास्तव में यह भारत की संप्रभुता और गैरजिम्मेदार और गंभीर हमला है। जिसका उद्देश्य भारत  के संविधान को कमजोर करना है।

सीएम शिवराज ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री भारत की संप्रभुता पर गैर जिम्मेदार हमला है। इसका मकसद भारत के संविधान को कमजोर करना है। मैं मानता हूं कि भारत को बदनाम करने का बीबीसी ने जो प्रयास किया, उसके खिलाफ कार्रवाई हो।ये काम ब्रिटेन की कार्यप्रणाली से भी मेल नहीं खाता है। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की विधानसभा में आज एक अशासकीय निंदा प्रस्ताव पास किया गया है।